कायाकल्प (प्रेमचंद)

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‘कायाकल्प’ प्रेमचंद के पूर्वलिखित उपन्यासों से भिन्न एध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर लिखा गया उपन्यास है जिसकी कथावस्तु असामान्य प्रकार की है । पूर्वजन्म और भावी जन्म के कल्पनात्मक चित्र इस कृति में कर्म और संस्कारोंके आधार पर प्रस्तुत किये गए हैं । इसमें वासना और प्रेम का संघर्ष अध्यात्मिक फलक पर चित्रित किया गया है और अंत में प्रेम द्वारा ही मानसिक शांति का लोक-प्रचलित आदर्श मार्ग बताया गया है । अतिशय चमत्कारिकता होने के कारण यह उपन्यास अन्य उपन्यासों की भाव-गरिमा को छू नहीं सका है ।

सारांश[संपादित करें]