कामलांग वन्यजीव अभयारण्य

कामलांग वन्यजीव अभयारण्य भारत के अरुणाचल प्रदेश में स्थित एक वन्यजीव अभयारण्य है। इसे 1989 में स्थापित किया गया था और यह भारत का 50वां बाघ अभयारण्य है। सन् 2024 में इसे पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया।[1] यह वन्यजीव अभयारण्य पेड़-पौधों और जानवरों की विविधता से भरपूर है। इस अभयारण्य का नाम कामलांग नदी के नाम पर रखा गया है जो इसके बीच से बहती है और ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है।
भूगोल
[संपादित करें]कामलांग वन्यजीव अभयारण्य अरुणाचल प्रदेश के बारह संरक्षित क्षेत्रों में से एक है। यह लोहित ज़िले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 783 वर्ग किलोमीटर (302 वर्ग मील) के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी उत्तरी सीमा पर लांग नदी और दक्षिणी सीमा पर नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।[2]
ग्लाव झील
[संपादित करें]कामलांग वन्यजीव अभयारण्य में ग्लाव झील इसके मुख्य क्षेत्र में 1500 मीटर (5000 फीट) की ऊंचाई पर 8 वर्ग किमी (3.1 वर्ग मील) के सतह क्षेत्र और लगभग 4-5 किमी (2.5-3.1 मील) की परिधि में स्थित है। 21 जनवरी 2026 को रामसर कन्वेंशन द्वारा इस झील को रामसर स्थल का दर्जा दिया गया।[3] वन, पर्यावण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 3 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर इसे भारत की 101वीं और अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर स्थल घोषित किया।[4] यह दर्जा आर्द्रभूमि संरक्षण, जल सुरक्षा, जलवायु और पारिस्थितिक स्थिरता के लिए झील के वैश्विक महत्व को उजागर करता है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Arunachal's Namdapha National Park and Kamlang Wildlife Sanctuary declared Eco-Sensitive Zones" [अरुणाचल के नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान और कामलांग वन्यजीव अभयारण्य को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया।]. इंडिया टुडे (अंग्रेज़ी भाषा में). 5 अक्टूबर 2024. अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2026.
- ↑ "Kamlang Wildlife Sanctuary" [कामलांग वन्यजीव अभयारण्य]. arunachalforests.gov.in. मूल से पुरालेखन की तिथि: 22 फ़रवरी 2015. अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2026.
{{cite web}}: CS1 maint: bot: original URL status unknown (link) - ↑ "Glaw Lake" [ग्लाव झील]. रामसर साइट्स इन्फॉर्मेशन सर्विस. अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2026.
- ↑ "Glaw Lake becomes Arunachal Pradesh's First Ramsar Site; India's Ramsar Sites tally reaches 101" [ग्लाव झील अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर स्थल बनी; भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 101 हुई]. प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो. अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2026.