काँगड़ा चित्रकारी

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कृष्ण बाँसुरी बजाते हुए 1790-1800 ई० - राजपूत काल की काँगड़ा चित्रकारी।

काँगड़ा चित्रकारी का उदगम काँगड़ा से हुआ जो काँगड़ा राजवाड़े दौर की देन है। इसके फैलने-फूलने का कारण बिसोहली चित्रकारी का अठारह्वीं शताब्दी में फीका पड़ जाना था। [1][2][3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Kangra school of painting Archived 18 जनवरी 2017 at the वेबैक मशीन. Footprint India, by Roma Bradnock. Published by Footprint Travel Guides, 2004. ISBN 1-904777-00-7.Page 512.
  2. Kangra painting Archived 22 अप्रैल 2014 at the वेबैक मशीन. Britannica.com.
  3. Pahari centres Archived 19 जनवरी 2017 at the वेबैक मशीन. Arts of India: Architecture, Sculpture, Painting, Music, Dance and Handicraft, by Krishna Chaitanya. Published by Abhinav Publications, 1987. ISBN 81-7017-209-8. Page 62.