कपिल कुंडू

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कप्तान कपिल कुंडू,का जन्म 10 फरवरी 1995 को हुआ था। उन्हें 10 दिसंबर 2016 को सेना में नियुक्त किया गया था। [1] वह जम्मू और कश्मीर के एलओसी इलाके में अपने 23 वें जन्मदिन से ठीक 6 दिन पहले, 4 फरवरी 2018 को फायरिंग में शहीद हुए थे।[2]

जीवन परिचय[संपादित करें]

शहीद कैप्टन कपिल कुंडू अपने माता-पिता के एकमात्र पुत्र थे । उनके पैतृक गांव रंसिका गुरुग्राम पटौदी हरियाणा में है । परिवार में, उनकी विधवा माँ श्रीमती सुनीता कुंडू ,दो बड़ी बहनों श्रीमती सोनिया कुंडू और श्रीमती काजल कुंडू दोनों बहनों की शादी हो चुकी है।कपिल कुंडू जनवरी 2018 में ही कैप्टन बने थे । वह सेना की 15 जैकलाइ यूनिट के कैप्टन थे और जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में तैनात थे।उनकी शिक्षा पटौदी जिले के डिवाइन डेल इंटरनेशनल स्कूल से हुई थी। वर्ष 2012 में कपिल का एनडीए में सिलेक्शन हुआ था, जहां से वे भारतीय सेना के लिए चुने गए थे।वे बचपन से, देशभक्ति एवं त्याग की भावना से भरे हुए थे । एनडीए में प्रशिक्षण के दौरान, सभी उनके उत्साह और देशभक्ति के व्यवहार से परिचित थे और फौज में के के के उप नाम से प्रसिद्ध थे जिंदगी का धेय्य वाक्य था 'जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए।

हमला[संपादित करें]

जन्मदिन के 6 दिन पहले, 22 वर्षीय कप्तान कपिल कुंडू पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने राजौरी जिले के भिम्बर गली सेक्टर में एलओसी पर भारी गोलीबारी। जम्मू और कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर भारी पाकिस्तानी गोलीबारी में एक जवान सेना कप्तान और तीन जवान मारे गए और कम से कम चार लोग घायल हो गए जिनमे एक कप्तान कुंडू भी थे। पाकिस्तानी हमलावरों ने मध्य प्रदेश के ,ग्वालियर के 27 वर्षीय राइफलमेन रामावतार और जम्मू-कश्मीर के कथुआ जिले के सुभम सिंह (23) को एवं सांबा जिले के रहने वाले हवलदार रोशन लाल भी शहीद हो गये [3]। पुंछ सेक्टर में युद्ध विराम का उल्लंघन होने के एक दिन में भिम्बर गली सेक्टर में गोलाबारी हुई थी। सेना के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी गोलीबारी सुबह 11.15 बजे शुरू हुई और मेधाधर और मांजोक में बालाकोटे सेक्टर में फैल गई। मोर्टार के गोले का उद्देश्य निकट आवासीय क्षेत्रों में भी था।

हमले के बाद के घटनाक्रम[संपादित करें]

  • पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद कप्तान कपिल कुंडू का पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया । [4]
  • अगरताला में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन देश की सेनाओं को बताया गया है कि अगर एक गोली सीमा पार से आती है, तो सुरक्षा कर्मियों को प्रतिशोध करने के लिए अनगिनत गोलिया दागना चाहिए।
  • रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

सीतारमण ने तीनों तिरंगे में लिपटे ताबूत पर पुष्पांजलि देकर सम्मान किया, जो विमान पाम एयर फोर्स बेस में रखी गई थी। इससे पहले, रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे और रावत ने भी 15 जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (जक्कली) के सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में रक्षा मंत्री ने कुण्डू के बहन और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की, जो हरियाणा में अपने गृहनगर में शहीद अधिकारी की देह को लेने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। उसके देह को बाद में गुड़गांव जिले के पटौदी में उनके पैतृक ग्राम रांसीका में एम्बुलेंस से ले जाया गया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 5 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 फ़रवरी 2018.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 फ़रवरी 2018.
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से 7 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 फ़रवरी 2018.
  4. "संग्रहीत प्रति". मूल से 5 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 फ़रवरी 2018.