कनिष्क बमकांड

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1985 में एयर इंडिया के विमान को उड़ाने में मदद करने वाले शख्स ने कनाडा की न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए साजिश के बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया। अभियोजन पक्ष ने इस शख्स के लिए 14 साल की सजा मांगी है। 1985 में एयर इंडिया के विमान को उड़ान भरने के बाद बम से उड़ा दिया गया और इसमें सवार सभी 329 यात्री मारे गए। विमान कनाडा से लंदन के रास्ते भारत जा रहा था और जब इसमें धमाका हुआ तो यह अटलांटिक सागर के ऊपर से गुजर रहा था। किसी नागरिक विमान में हुआ यह सबसे बड़ा बम धमाका था।