कक्षीय ताख

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आरोही ताख

कक्षीय ताख (orbital node) वह दो बिन्दु होते हैं जहाँ किसी परिक्रमा करती हुई खगोलीय वस्तु की कक्षा (ऑरबिट) किसी सन्दर्भ समतल को भेदती है। ध्यान दें कि अगर परिक्रमा का समतल और सन्दर्भ समतल एक ही हो तो कक्षीय ताख होते ही नहीं, यानि उनके लिए इन कक्षीय समतल और सन्दर्भ समतल का एक-दूसरे से तिरछा होना आवश्यक है।[1]

आरोही और अवरोही समतल[संपादित करें]

क्योंकि कक्षा सन्दर्भ समतल को दो स्थानों पर भेदती है, इसलिये इन दोनों ताखों को अलग नाम दिए जाते हैं। जहाँ कक्षा में चलती हुइ वस्तु समतल से ऊपर की ओर जा रही हो, वह आरोही ताख (ascending node) या उत्तर ताख (north node) कहलाती है। और जहाँ वस्तु समाल से नीचे जा रही हो वह अवरोही ताख (descending node) या दक्षिण ताख (south node) कहलाती है।[2][3]

पृथ्वी कक्षा ताख[संपादित करें]

पृथ्वी जब अपनी कक्षा में सूरज की परिक्रमा करती है तो सूर्यपथ (ecliptic) को सन्दर्भ समतल माना जा सकता है। जिन दो स्थानों पर पृथ्वी की कक्षा सूर्यपथ को भेदती है, उन पृथ्वी कक्षा ताखों (Earth orbit nodes) का समय विषुव (equinox) होते हैं। एक विषुव मार्च के महीने में (वसंत ऋतु) में होता है और "वसंत विषुव" (spring equinox) कहलाता है। दूसरा विषुव सितम्बर के महीने में (यानि शरद ऋतु) में होता है और "शरद विषुव" (autumn equinox) कहलाता है। इन दोनों दिनों में पृथ्वी की भूमध्य रेखा सीधी सूरज की ओर रुझान रखती है और पूरे वर्ष में यह दो दिवस हैं जब दिन व रात की लम्बाई ठीक बराबर होती है।

चंद्र ताख[संपादित करें]

पृथ्वी के इर्द-गिर्द चंद्रमा की कक्षा के लिये भी सूर्यपथ को ही सन्दर्भ समतल माना जाता है। चंद्रमा पर सूरज का गुरुत्वाकर्षक प्रभाव चंद्र ताखों (lunar nodes) को धीरे-धीरे पश्चिम की ओर अयनित (precess) करता है। ताख की यह हिलावट लगभग १८.६ वर्षों में एक पूरा चक्र पूरा कर लेता है।[4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Parameters Describing Elliptical Orbits, web page, accessed May 17, 2007.
  2. ascending node, entry in The Encyclopedia of Astrobiology, Astronomy, and Spaceflight, David Darling, on line, accessed May 17, 2007.
  3. The Binary Stars, R. G. Aitken, New York: Semi-Centennial Publications of the University of California, 1918.
  4. Introduction to Astronomy 250, Coordinates, Seasons, Eclipses, lecture notes, Astronomy 250, Marcia Rieke, University of Arizona, accessed on line May 17, 2007.