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औसत

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साधारण भाषा में, औसत वह संख्या या मान है जो किसी सांख्यिकीय आंकड़ा समूह का सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व करता है[1]। सबसे सामान्य रूप से उपयोग किया जाने वाला औसत अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean)होता है, जिसे संख्याओं के योग को कुल संख्याओं की संख्या से विभाजित करके प्राप्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी समूह में संख्याएँ 2, 3, 4, 7 और 9 हैं, तो इनका योग 25 होगा, और इनका माध्य (औसत) 5 होगा[2]

हालाँकि, औसत का अर्थ हमेशा अंकगणितीय माध्य ही नहीं होता। विभिन्न सन्दर्भों में औसत को केंद्रीय प्रवृत्ति के अन्य मापों द्वारा भी दर्शाया जाता है, जैसे माध्यिका (Median), बहुलक (Mode), मध्य-सीमा (Mid-range), अथवा ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean)। उदाहरणस्वरूप, व्यक्तिगत आय का औसत बताने के लिए प्रायः माध्यिका का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि यदि कुछ अत्यंत उच्च आय वाले व्यक्तियों (जैसे अरबपतियों) को शामिल किया जाए, तो अंकगणितीय माध्य वास्तविकता से कहीं अधिक हो सकता है। माध्यिका, जो उस बिन्दु को दर्शाती है जहाँ 50% व्यक्ति उससे कम और 50% व्यक्ति उससे अधिक आय अर्जित करते हैं, इस सन्दर्भ में अधिक उपयुक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करती है।

सामान्य गुण

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यदि किसी सूची की सभी संख्याएँ समान हों, तो उनका औसत भी उसी संख्या के बराबर होता है। यह गुण अंकगणितीय माध्य, माध्यिका और बहुलक जैसे विभिन्न प्रकार के औसतों में सामान्य रूप से पाया जाता है।

एक अन्य सार्वभौमिक गुण है एकरसता (monotonicity)। यदि A और B संख्याओं की दो सूचियाँ समान लंबाई की हों, और सूची A की प्रत्येक प्रविष्टि सूची B की संबंधित प्रविष्टि के बराबर या उससे बड़ी हो, तो सूची A का औसत भी सूची B के औसत के बराबर या उससे अधिक होगा।

कुछ प्रकार के औसत में सूची की वस्तुओं को औसत निकालने से पहले भिन्न-भिन्न वजन (weight) दिए जाते हैं। ऐसे औसतों में भारित अंकगणितीय माध्य, भारित ज्यामितीय माध्य और भारित माध्यिका प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ चलती औसत (moving averages) में किसी वस्तु का वजन उसकी सूची में स्थिति पर निर्भर करता है — जैसे हाल की प्रविष्टियों को अधिक महत्व दिया जाना।

हालांकि, अधिकांश औसत प्रकार क्रमपरिवर्तन-असंवेदनशीलता (permutation insensitivity) के गुण को संतुष्ट करते हैं। इसका अर्थ है कि सूची में वस्तुओं की स्थिति औसत पर कोई प्रभाव नहीं डालती, और सभी वस्तुओं को औसत निकालने में समान रूप से गिना जाता है। उदाहरण के लिए, सूचियाँ (1, 2, 3, 4, 6) और (3, 2, 6, 4, 1) का औसत समान होगा।

1. अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean)

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यदि किसी समूह में n संख्याएँ हों: x1​, x2​, x3​, …, xn​, तो उनका अंकगणितीय माध्य निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्राप्त किया जाता है:

यह सबसे सामान्य प्रकार का औसत है जिसका उपयोग दैनिक जीवन की कई परिस्थितियों में किया जाता है, जैसे परीक्षा में प्राप्त अंकों का औसत, आय का औसत आदि।

2. माध्यिका (Median)

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माध्यिका वह मान होती है जो किसी व्यवस्थित (ascending या descending) आंकड़ा समूह को दो बराबर भागों में विभाजित करती है। यदि आंकड़ों की संख्या विषम है तो मध्य का मान ही माध्यिका होता है, और यदि आंकड़ों की संख्या सम है तो दो मध्य मानों का औसत लिया जाता है।

किसी आंकड़ा समूह में वह मान जो सबसे अधिक बार आता है, बहुलक कहलाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कक्षा में सर्वाधिक छात्रों की आयु 15 वर्ष है, तो उस समूह की बहुलक आयु 15 वर्ष होगी।

अन्य औसत

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  • भारित औसत (Weighted Average): जब विभिन्न आंकड़ों का महत्व (weight) अलग-अलग होता है तो उनके औसत की गणना भारित औसत द्वारा की जाती है[3]
  • हरमोनिक माध्य (Harmonic Mean): प्रतिलोम माध्य का एक प्रकार, जिसका उपयोग गति, घनत्व, दर आदि के औसत में किया जाता है[4]
  • ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean): गुणात्मक औसत, जिसका उपयोग विकास दर, निवेश आदि के विश्लेषण में होता है[5]
  1. Kenney, J; Keeping, E (1962). Mathematics of Statistics (PDF). Princeton: D. Van Nostrand Company. pp. 32–33.
  2. "Average Calculator". अभिगमन तिथि: 31 July 2025.
  3. "Weighted Average: Definition and How It Is Calculated and Used". Investopedia. अभिगमन तिथि: 31 July 2025.
  4. Clark-Carter, D. (2010). International Encyclopedia of Education. Elsevier. pp. 264–266.
  5. "Harmonic Mean / Progression: Definition, Examples". Statistics How To. अभिगमन तिथि: 31 July 2025.