औरंगाबादी महल
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| औरंगाबादी महल اورنگابادی محل | |
|---|---|
| निधन | ल॰ 1688 बीजापुर, मुग़ल साम्राज्य |
| समाधि | |
| Consort | औरंगज़ेब |
| संतान | मेहर-उन-निसा |
| धर्म | इस्लाम |
औरंगाबादी महल (फ़ारसी: اورنگابادی محل; मृत्यु नवंबर 1688[1]) मुगल सम्राट औरंगजेब की तीसरी और अंतिम बीवी थीं। औरंगाबाद शहर में औरंगज़ेब के हरम में प्रवेश के बाद उनका नाम औरंगाबादी महल रखा था। इस खास मल्लिका का नाम राबीया उद दुरानी था।
जीवनी
[संपादित करें]उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम मेहर-उन-निस्सा। उनकी बेटी की शादी इज़ाद बख्श से हुई, जो दिल्ली के शहज़ादा मुराद बख्श के पुत्र थे।
उनकी मौत बुबोनी प्लेग से अक्टूबर या नवंबर 1688 में बीजापुर शहर में हुई। उनकी मौत ने औरंगजेब की सबसे कम उम्र की सबसे प्यारी वसीयत, उदयपुर महल के अंतिम प्रतिद्वंदी को हटा दिया।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "भारत के तिमुरिड राजवंश की वंशावली". मूल से से 25 जून 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 18 अप्रैल 2017.