औद्योगिक मनोविज्ञान

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औद्योगिक और संगठनात्मक मनोविज्ञान कर्मचारियों, कार्यस्थलों और संगठनो का वैज्ञानिक अध्ययन है। यह व्यावहारिक मनोविज्ञान की शाखा है। औद्योगिक मनोविज्ञानी संस्थाओं के बहतर प्रदर्शन और सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। औद्योगिक मनोविज्ञन को आई-ओ मनोविज्ञान (I-O psychology) या व्यवासयिक मनोविज्ञान भी केहते हैं। आई-ओ मनोविज्ञानी कर्मचारियों के व्यवहार और दृष्टिकोण को पढकर उनपर अनुसंधान करके बेहतर नीति और कार्यक्रमों का सुझाव देते हैं।

इतिहास[संपादित करें]

औद्योगिक मनोविज्ञान का ऐतिहासिक विकास अमरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, नीडरलैडस और अन्य योरपीय देशों में हुआ था। मध्य १८८० में प्रसिद्ध मनोविज्ञानी विल्हेल्म वुन्द्थ ने दो विज्ञानिकों, हुगो मुन्स्तेर्बेर्ग और जेम्स कातेल्ल को प्रशिक्षित किया था। इन दोनों ने इस श्रेत्र को उजागर किया और इसके विकास में बड़ा योगदान दिया। इस विषय की ऐतिहासिक उद्गम व्यक्तिगत मतभेदों, मूल्यांकन और कार्य-पालन पर आधरित है। मनोविज्ञान के इस श्रेत्र को विश्व युद्ध के समय प्रमुखता मिला क्योंकि उस समय युद्ध के मैदान पर किन सैनिकों को आगे किया जाये, ओर कौन-से कार्य के लिये, वह बहुत जरुरी था।

औद्योगिक मनोविज्ञान विषय-सूची[संपादित करें]

इस मनोविज्ञान के श्रेत्र के कई विषय हैं, जैसे :-

  • कार्य-विश्लेषण (जोब अनालिस्स)
  • कर्मचारियों की भर्ती और चयन
  • प्रशिक्षण और प्रशिक्षण अंदाज़ (ट्रेनिंग और ट्रेनिंग अंदाज़)
  • कार्यस्थल में प्रेरणा

अब ऊपर के विषयों पर विस्तृत जानकारी इस प्रकार से है :-

कार्य विश्लेषण[संपादित करें]

नौकरी विश्लेषण कर्मचारियों के सफल और सही चुनाव और प्रदर्शन का आधार है। नौकरी का विश्लेषना के लिये कार्य कि व्यवस्थित और अच्छी जानाकरी चाहिए। कार्य विश्लेषित करने के दो तरीके हैं। पहला कार्य-उन्मुख दृष्टिकोण और दूसरा कार्यकर्ता-उन्मुख दृष्टिकोण। कार्य उन्मुख में कर्तव्यों, कार्यो और दूसरे जरुरतों को परीक्षित करता है। जबकि कार्यकर्ता-उन्मुख दृष्टिकोण ज्ञान, कौशल, योग्यता और कई विषेशताऔ को काम सफता के लिए परिक्षीत करता है। नौकरी विश्लेषन का डेटा अक्सर मात्रात्मक और गुणात्मक तरीके से किया जाता है। यह डेटा और जानकारी फिर नौकरी के चयन प्रक्रियाओं, कर्म के मानदंड और परिणाम के लिए इस्तमाल किया जाता है।

कर्मचारियों की चयन और भर्ती[संपादित करें]

आज हर एक संस्था को आगे बढने और सफल होने के लिये नए मज़दूरों और कर्मचारियों कि आवश्यकता है। ऐ-ओ मनोविज्ञानी संस्था के मानव साधन विशेषज्ञों के साथ मिलकर भर्ती प्रक्रिया और व्यक्तिगत चयन की व्यवस्था तैयार करते है। मनोविज्ञानिकों ने बडी विश्लेषना के बाद यह जाना है कि कुल मानसिक क्षमता कार्य में सफलता का सबसे अच्छा भविष्यवक्ता है।

प्रशिक्षण और प्रशिक्षण शैली[संपादित करें]

ट्रेनिंग या प्रशिक्षण कौशल, अवधारणाओं और मनोभाव प्राप्त करने का व्यवस्थित तरिका हैं। यह ट्रेनिंग दूसरे वातावरण में भी अच्छी तरह से कार्य पूर्ण करने में मदद करता है। नौकरी में नए भर्ति हुए लोग अक्सर उस संस्था के सभी कर्यों और उम्मीदों को पूरी तरह से जानते और समझते नहीं, परंतु ट्रेनिंग से यह मुसीबत हल कर सकते है। प्रशिक्षण प्रोग्रामों की बुनियाद सीखना या नई शिक्षा/सीख होता है। इस सीख से कर्मचारियों अपने कार्य खूबसूरति और अच्छी तरह से निभाते है।

कार्यस्थल पर प्रेरणा[संपादित करें]

किसी भी कार्य को अच्छी तरह से निभाने के लिए उस काम के कौशल हौने के साथ उस कार्य को सफल करने कि प्रेरणा भी अधिक ज़रूरी है। औद्योगिक मनोविज्ञान का ज्ञान कार्यस्थलों में प्रेरणा बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण है। प्रेरणा व्यवहार और प्रदर्शन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]