ओप्रुच्युनिटी रोवर

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ओप्रुच्युनिटी रोवर (MER-B)
KSC-03PD-0786.jpg
लक्ष्य प्रकार रोवर
लॉन्च तिथि 7 जुलाई 2003
लॉन्च वाहन डेल्टा 2 7925H 9.5 राकेट
अभियान काल

नियोजित: 90 सोल्स (92.5 दिन)
अन्तिम: 5,352 सोल्स (5498 पृथ्वी दिन

लैंडिंग से मिशन के अंत तक; 15 पृथ्वी वर्ष या 8 मंगल वर्ष)
कॉस्पर आई डी 2003-032A
गृह पृष्ठ जेपीएल का मंगल अन्वेषण रोवर
द्रव्यमान 185 किग्रा (408 पाउंड) (रोवर)
शक्ति सौर पेनल्स (फोटोवोल्टिक)
बैटरियां रिचार्जेबल लिथियम आयन
एक क्रेटर में ओप्रुच्युनिटी का नकली दृश्य

ओप्रुच्युनिटी, जिसे MER-B (मंगल अन्वेषण रोवर - B) या MER-1, और उपनाम "Oppy" के रूप में भी जाना जाता है, एक रोबोट रोवर है जो 2004 से 2018 के अंत तक मंगल ग्रह पर सक्रिय था। 7 जुलाई 2003 को नासा के मंगल अन्वेषण रोवर कार्यक्रम भाग के रूप में लॉन्च किया गया और 25 जनवरी, 2004 को मंगल ग्रह पर उतरा। इसी के सामानान्तर एक और रोवर जिसका नाम स्पिरिट (एमईआर-ए) को भी मंगल के दूसरी छोर पर, ओप्रुच्युनिटी रोवर से तीन सप्ताह पहले उतारा गया था। योजना के अनुसार इन रोवरो का कार्यकाल 90-सोल (पृथ्वी के दिनों में 90 से अधिक) के निर्धारित किया गया था, स्पिरिट 2009 में अटकने से पुर्व तक काम करता रहा और 2010 में उसका संचार बंद हो गया, जबकि ओप्रुच्युनिटी सौर ऊर्जा का उपयोग करके अपनी बैटरी के निरंतर रिचार्जिंग के माध्यम से प्रणाली, और बिजली बचाने के लिए धूल के तूफान जैसी घटनाओं के दौरान हाइबरनेटिंग द्वारा अपनी शक्ति और प्रणाली को सुरक्षित रखते हुए, उतरने के बाद 5111 सोल्स तक परिचालन में सक्षम रहा। इसके सावधानीपूर्वक संचालन के कारण ओप्रुच्युनिटी निर्धारित कार्यकाल समय से 55 गुना अधिक समय 14 वर्ष, 46 दिन (पृथ्वी के समय अनुसार) तक परिचालन करता रहा। 10 जून, 2018 तक, जब उसने आखिरी बार नासा से संपर्क किया था, तब तक रोवर ने 45.16 किलोमीटर (28.06 मील) की दूरी तय कर चुका था।

अभियान विवरण[संपादित करें]

सामूहिक रूप से, ओप्रुच्युनिटी और स्पिरिट रोवर्स, लंबी अवधि के मंगल अन्वेषण कार्यक्रम में मंगल अन्वेषण रोवर कार्यक्रम का हिस्सा थे। मंगल अन्वेषण कार्यक्रम के चार प्रमुख लक्ष्य थे: यह निर्धारित करना कि मंगल पर जीवन की क्षमता मौजूद है या नहीं, मंगल पर जलवायु और उसके भूविज्ञान की विशेषण करना, और फिर मंगल के लिए एक संभावित मानव मिशन की तैयारी करना। मार्स एक्सप्लोरेशन रोवर्स को मंगल ग्रह की सतह पर यात्रा करने और यह निर्धारित करने के लिए समय-समय पर भूगर्भिक विश्लेषण करना था कि क्या कभी मंगल ग्रह पर पानी मौजूद था और साथ ही साथ उपलब्ध खनिजों के प्रकार मार्स रिकोनाइसिस ऑर्बिटर द्वारा लिए गए डेटा से पुष्टि करना था। स्पिरिट और ओप्रुच्युनिटी को एक महीने के अन्तराल में, 10 जून और 7 जुलाई, 2003 को प्रक्षेपण किए गए थे, और दोनों जनवरी 2004 तक मंगल सतह पर पहुंच गए थे। दोनों रोवर्स को 90 सोल्स (लगभग 92 पृथ्वी दिन) के जीवनकाल के लिये बनाया किया गया था, लेकिन प्रत्येक ने इसकी तुलना में अधिक लंबे समय तक काम किया। स्पिरिट का अभियान अपने अपेक्षित जीवनकाल से 20 गुना अधिक समय तक चला, और इसके अभियान को 25 मई, 2011 को समाप्त कर दिया गया था, क्योंकि यह नरम मिट्टी में फंस गया था और इससे बाहर निकलने में अपनी सारी शक्ति भंडार को समाप्त कर चुका था। ओप्रुच्युनिटी अपने 90 सोल्स के जीवनकाल की तुलना में 55 गुना लंबे समय तक चला, यह लैंडिंग से लेकर मिशन के अंत तक 5498 दिनों तक काम करता रहा। रोवर की स्थिति पर साप्ताहिक अपडेट का एक संग्रह अपॉर्च्युनिटी अपडेट पुरालेख में पाया जा सकता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]