ओज़ियास मार्क

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ओज़ियास मार्क
Ausiàs मार्च

पन्द्रहवीं शताब्दी में येकोमार्त द्वारा बनाई गई चित्रकारी में दर्शाए गए ओज़ियास मार्क, यह चित्रकला सैतिवा के सांता मारिया गिरजाघर में उपस्थित है
जन्म 1397
बेनिआरियो, वैलेंसिया का सम्राज्य, आरागोन का क्राउन
मृत्यु 3 मार्च 1459
वैलेंसिया, वैलेंसिया का सम्राज्य, आरागोन का क्राउन
उपजीविका कवि
प्रमुख कार्य प्लेना डी सैनी, ली ऐन्त्रे कार्ड्स, आमोर, आमोर, मोन दारेर्र बे, ओ, फ़ोल आमोर
जीवन संगी इसाबेल म्रतोरेल: (वि॰ 1439–41), योआना इस्कोरना: (वि॰ 1443–50)
रिश्तेदार
  • पेरे मार्क (पिता)
  • याओमे मार्क द्वितीय (ताऊ)
  • अर्नाऊ (चचेरा भाई)


ओज़ियास मार्क (कैटलन : Ausiàs मार्च; 1400 – 3 मार्च 1459) मध्यकालीन वैलेंसियाई कवि और नाईट थे। गन्दिया के निवासी मार्क वैलेंसियाई साहित्य की स्वर्ण शताब्दी (कैटलन: Segle d'or) के सबसे महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं। इनके द्वारा रचित कविताओं ने स्पेन के साहित्य पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा।

एक छोटे वैलेंसियाई कुलीन परिवार में जन्मे मार्क की रचनाओं ने पन्द्रहवीं शताब्दी के अंत से पुनर्जागरण में एक विशिष्ट योगदान दिया। इनकी कविताएँ मुख्य रूप से मानव जीवन के दो महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित हैं: प्रेम और मृत्यु।[1]

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

ओज़ियास मार्क के जीवन के बारे में व्यापक व सटीक जानकारी अधिक मात्रा में उपलब्ध नहीं है। इनका जन्म पेरे मार्क के एक छोटे कुलीन घर में 1400 के आसपास हुआ था, जो स्वयं भी एक कवि थे। इनकी माता लायोनोर डी रिपोल इनके पिता की दूसरी पत्नी थीं। इनके पश्चात इनकी माता ने पेरोना नाम की लडकी को भी जन्म दिया था। इनके परिवार के सदस्य आरागोन के सम्राज्य में वकील और अधिकारी जैसे पदों पर काबिज रह चुके थे। इनकी पारिवारिक सम्पत्ति इनके ताऊ याओमे मार्क के अधिकार में चली गई थी।[2]

1413 में किशोर अवस्था में ही इनके पिता की मृत्यु के पश्चात ये परिवार के मुख्या बन गए। इनका ज्यादातर यौवन गान्दिया की डची में बीता जो इनका गृहनगर था। अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण इन्होंने नाईट का प्रशिक्षण प्राप्त किया, परन्तु बचपन से ही ये किताबी भी थे। अपने ताऊ और पिता की तरह कविता निर्माण में इनकी रूचि बचपन से ही विकसित होती चली गई। 1419 में अपनी माता को सार्वभौमिक वारिस घोषित करने के पश्चात 1420 में ये सेना में भर्ती हो गए। महाराज अल्फोन्सो की सेना में इन्होंने कई युद्धों में हिस्सा लिया। 1424 में ये नौसेना में शामिल हो गए। सम्राज्य की सेना में अपनी सेवाओं के लिए 1425 में महाराज अल्फोन्सो ने इन्हें गान्दिया के नजदीक क्षेत्रीय विशेषाधिकार इनाम के तौर पर प्रदान किया। छोटी उम्र से ही ये महाराज के भूमध्य सागर में होने वाले अभियानों में हिस्सा लिया करते थे। 1427 में ऐसे ही एक अभियान से अपने देश वापस आने के पश्चात ये गान्दिया में बस गए। इस अभियान के पश्चात इन्होंने जीवन भर अपना जन्म क्षेत्र नहीं छोड़ा। 1429 में इनकी माता की मृत्यु हो गई और इनके ऊपर इनकी बहरी बहन की देखभाल की जिम्मेदारी आई।[2]

मार्क ने अपने जीवन में दो बार विवाह किया: सर्वप्रथम इसाबेल म्रतोरेल से और फ़िर योआना इस्कोरना के साथ। 1450 में मार्क गान्दिया से वैलेंसिया रहने चले गए। 3 मार्च 1459 को वैलेंसिया में ही इनकी मृत्यु हुई। हालांकि इनको तो इनके पारिवारिक वैलेंसिया चैपल में ही दफ़नाया गया था परन्तु इनकी दोनों पत्नियाँ और परिवार के दूसरे सदस्य सेंट येरोनी डी कोतल्बा मठ में दफनाए गए। इनके पाँच नाजायज़ बच्चे थे परन्तु कोई भी वैध उत्तराधिकारी नहीं था।

काव्य जीवन[संपादित करें]

अपने पिता से विरासत में आसान संपत्ति प्राप्त करने के साथ-साथ आरागोन के राजकुमार वियाना के चार्ल्स के संरक्षक की शक्तिशाली भूमिका निभाने के कारण मार्च काव्यात्मक रचना के लिए स्वयं को समर्पित करने में सक्षम थे। इनकी कविताएँ मुख्य रूप से मानव जीवन के दो महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित हैं: प्रेम और मृत्यु। मार्च एक बहुत मूल और विशेष स्वभाव के कवि थे।

मार्च उन कुछ प्रथम कवियों में से एक थे जिन्होंने अपनी रचनाओं में ट्रिबाडो भाषा ऑक्सितान के बजाय स्थानीय मातृभाषा वैलेंसियाई का इस्तेमाल किया। इनकी कविताएँ अस्पष्टता और कभी-कभी नीरस रुग्णता द्वारा चिह्नित की जाती हैं, जिनमें इच्छा और नैतिकता के बीच की परस्पर विरोधी लड़ाई दिखती है। ये अपने समकालीनों के बीच वर्चस्व के पूरी तरह से हकदार थे और इसमें कोई शक नहीं कि इनकी नवीनता की सफ़लता ने हुआन बुस्कान को कैस्तिलियन में इतालवी छंद-विद्या समाविष्ट करने के लिए प्रेरित किया। इनकी रचनाएँ शुरुआत में पांडुलिपियों में प्रेषित हुईं व 1543 में पहली बार उन्हें वैलेंसियाई में मुद्रित संस्करण प्राप्त हुआ परन्तु उनका स्पेनी भाषा में पहले ही 1539 में अनूदित किया जा चुका था।

इनकी कुछ उत्कृष्ट रचनाओं में शामिल हैं: प्लेना डी सैनी, ली ऐन्त्रे कार्ड्स, आमोर, आमोर, मोन दारेर्र बे और ओ, फ़ोल आमोर

दीर्घा[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • PD-icon.svg जे॰ डी॰ एम॰ फ़ोर्ड. (1913)। "ओज़ियास मार्क". कैथोलिक एनसाइक्लोपीडिया। न्यू यॉर्क: रॉबर्ट एपलटन कम्पनी।
  1. "Autors – Ausiàs मार्च" (अंग्रेज़ी में). http://www.escriptors.cat/autors/marcha/pagina.php?id_sec=2539. अभिगमन तिथि: 19 मार्च 2014. 
  2. "Ausiàs मार्च – L'autor" (कैटलन में). Iluisvives.com. http://www.lluisvives.com/bib_autor/ausiasmarch//include/pausiasmarch_autor.jsp. अभिगमन तिथि: 19 मार्च 2014. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]