एलीजाह
एलीजाह | |
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जॉन जेरोम सावोल्डो द्वारा लगभग 1510 में बनाया चित्र | |
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| जन्म | सम्भवतः तिशबे |
| मृत्यु | लगभग 849 ईसा पूर्व[1] जेरिको के निकट |
| (में) श्रद्धेय | |
| संत-पर्व दिवस | 20 जुलाई (कैथोलिक गिरजाघर,[3] ईस्टर्न ऑर्थोडोक्स गिरजाघर,[4] और लुथरन चर्च–मिसूरी स्यनोद) |
| संरक्षक संत | |
| प्रभावित | एलीशा |
एलीजाह (Elijah; il-EYE-jə; अन्य उच्चारण: एलियाह, ऐलिजा, आईजा)[a] हिब्रू बाइबल में बूक ऑफ़ किंग्स के अनुसार राजा अहाब (नौंवी सदी ईसा पूर्व) के शासन के दौरान इज़राइल के उत्तरी राज्य में रहने वाले नबी और चमत्कार कार्यकरता थे।[11]
1 किंग्स 18 के समय एलीजाह ने कनानी देवता बाल के स्थान पर हिब्रू देवता यहोवा की पूजा को चुना। भगवान ने भी एलीजाह के माध्यम से कई चमत्कार किये जिनमें पुनरुज्जीवन, आकाश से आग बरसाना और सशरीर स्वर्ग में जाना शामिल है। उन्होंने "द सन ऑफ़ प्रोफेट्स" (नबियों के पुत्र) नामक विचारधारा की भी स्थापना की। एलीजाह के निधन के बाद उनके शिष्य और समर्पित सहायक एलीशा ने इस विचारधारा को आगे बढ़ाया। बुक ऑफ़ मलाची में नबी एलीजाह की वापसी की भविष्यवाणी की गई है और वापसी का समय भयानक तबाही के दिन से पहले की तिथि बतायी गई है। उन्हें हिब्रू बाइबल का सम्मान करने वाले विभिन्न धर्मों में मसीहा व अंतिम समय का अग्रदूत माना जाता है। एलीजाह के स्रोत सिराच, न्यू टेस्टामेंट, मिशनाह व तालमुद, क़ुरआन, बुक ऑफ़ मॉर्मन और बहाई धर्म से मिलते हैं। इन स्रोतों को देखते हुए विद्वान इस बात पर सहमत हैं कि प्राचीन इजराइल में एलीजाह नामक कोई ऐतिहासिक व्यक्ति मौजूद था। हालांकि उनके जीवन के बारे में बाइबल में दिया गया विवरण ऐतिहासिक रूप से सटीक होने के स्थान पर अधिक कथात्मक या धार्मिक प्रतिबिम्बित माना जाता है।
यहूदी धर्म में एलीजाह का नाम साप्ताहिक हवदलाह में लिया जाता है जो शब्बत (सप्ताह) के अंत को दर्शाता है। एलीजाह को अन्य यहूदी रीति-रिवाजों में भी दर्शाया जाता है जिसमें पासओवर सेडर और ब्रिट मिलाह (खतना का अनुष्ठान) शामिल हैं। वो हग्गदाह और रब्बी साहित्य में भी विभिन्न कहानियों के पात्र हैं जिनमें बाबिल तल्मूड भी शामिल है। कुछ यहूदी कहानियों के अनुसार समय के अंत के समय एलीजाह की वापसी होगी।[12]
टिप्पणी
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ क्लाइन, ऑस्टिन. "Biography of Elijah, Old Testament Prophet". अभिगमन तिथि: 25 जनवरी 2025.
- ↑ स्वायद, सामी (2015). Historical Dictionary of the Druzes. रोवमैन & लिटलफील्ड. p. 77. ISBN 9781442246171.
since Elijah was central to Druzism, one may safely argue that the settlement of Druzes on Mount Carmel had partly to do with Elijahʼs story and devotion. Druzes, like some Christians, believe that Elijah came back as John the Baptist
- 1 2 "St. Elijah the Prophet". 21 नवम्बर 2014. मूल से से 3 जून 2021 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 25 जनवरी 2025.
- ↑ "The Glorious Prophet Elias (Elijah)". अभिगमन तिथि: 25 जनवरी 2025.
- ↑ "Prophet Elijah".
- ↑ फ़ुकाज़ावा, कात्सुमी (2017). Religious Interactions in Europe and the Mediterranean World: Coexistence and Dialogue from the 12th to the 20th Centuries. टेलर & फ्रांसिस. p. 310. ISBN 9781351722179.
- 1 2 मंसूर, अताल्लाह (2008). Waiting for the Dawn: An Autobiography. The University of Michigan Press. p. 14. ISBN 9780436272585.
Perhaps this is because the patron saint of Haifa and Mount Carmel is a biblical figure recognised by the entire population of Palestine - Elijah.
- ↑ Coogan, Michael David (2006). The Old Testament: A Historical and Literary Introduction to the Hebrew Scriptures. Oxford, England: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. p. 304. ISBN 9780195139105.
- ↑ Sperling, S. David। (2007)। “Elijah”। Encyclopaedia Judaica (2) 6: 331। Thomson Gale।
- ↑ Barton, John; Muddiman, John (2007). "Elijah". The Oxford Bible Commentary. ऑक्सफोर्ड, इंग्लैण्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. p. 246. ISBN 9780199277186.
- ↑ Yonge, Charlotte Mary (1859). "The Kingdom of Samaria". The Chosen People (5th ed.).
- ↑ "Elijah Heralding the Redemption - Moshiach 101". मूल से से 1 सितम्बर 2017 को पुरालेखित।.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| Elijah (Biblical figure) से संबंधित मीडिया विकिमीडिया कॉमंस पर उपलब्ध है। |