एलिसिया नाइटेकी
एलिसिया नाइटेकी /नीʼटेत्स्की[1] (2 जनवरी 1942 – 5 सितंबर 2021) एक अमेरिकी लेखिका और मैसाचुसेट्स के वाल्थम स्थित ब्रेंटली विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य की प्रोफ़ेसर थीं।
यूरोप में प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें]1942 से 1944 तक एलिसिया नाइटेकी अपने उच्चवर्गीय परिवार (कुर्नातोव्स्की परिवार) के साथ नाज़ी-अधिकृत वारसॉ में रहीं। अगस्त 1944 में वारसॉ विद्रोह के दमन के बाद नाज़ियों ने उन्हें पश्चिमी जर्मनी में निर्वासित कर दिया और 1945 तक बाडेन-वुर्टेमबर्ग के लॉटरबाख स्थित एक श्रम शिविर में रखा।[2]
युद्ध के बाद उन्हें फ्रांस के ला कूर्तीन कैंटन स्थित पोलिश शरणार्थी शिविर में भेजा गया, जो नांत नगर के निकट था। इसके बाद परिवार दक्षिणी फ्रांस के कार्केयिरान में बस गया, जहाँ एलिसिया ने 1947 तक फ्रांसीसी प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन किया।
अप्रैल 1948 में परिवार इंग्लैंड चला गया। बार-बार निवास स्थान बदलने के कारण उन्हें कई विद्यालय बदलने पड़े। उन्होंने स्कालफोर्ड के चर्च ऑफ़ इंग्लैंड स्कूल में इलेवन-प्लस परीक्षा दी और बाद में इंग्लैंड के मध्य भाग के डर्बी नगर में एक ग्रामर स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने एक कैथोलिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की और 1960 में शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य के अध्ययन के लिए प्रवेश लिया। उस समय अंग्रेज़ी विभाग के प्रमुख प्रसिद्ध आलोचक विलियम एम्पसन थे।
शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद उन्होंने सिटी ऑफ़ लंदन कॉलेज में सचिवीय पाठ्यक्रम पूरा किया और कुछ समय तक सचिव तथा आया के रूप में कार्य किया। इसी दौरान उन्होंने अमेरिकी साहित्य विद्वान रिचर्ड एलमैन के परिवार के साथ काम किया। एलमैन ने उन्हें अमेरिका में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया और सिफ़ारिश पत्र लिखा, जिसके परिणामस्वरूप 1966 में उन्होंने स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क, बफ़ेलो में प्रवेश लिया।
अमेरिका में अकादमिक जीवन
[संपादित करें]एलिसिया नाइटेकी ने बफ़ेलो विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने ओहायो के केंट स्टेट विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट अध्ययन किया और 1976 में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।[3]
1980 से वे ब्रेंटली विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य की प्रोफ़ेसर रहीं। प्रारंभ में उनका शोध क्षेत्र मध्ययुगीन अंग्रेज़ी साहित्य था, किंतु जर्मनी यात्रा के दौरान फ़्लॉसनबुर्ग यातना शिविर के दर्शन के बाद उनका झुकाव होलोकॉस्ट साहित्य की ओर हुआ। इसी शिविर में उनके दादा बंदी रहे थे।
होलोकॉस्ट साहित्य के क्षेत्र में उन्होंने विशेष रूप से पोलिश लेखक तादेउश बोरोव्स्की और अन्य जीवित बचे लेखकों पर कार्य किया। 2000 में उन्होंने बोरोव्स्की की पुस्तक We Were in Auschwitz का अनुवाद किया और 2002 में हेनरिक ग्रिनबर्ग की Drohobycz, Drohobycz का अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित किया।
अनुवाद
[संपादित करें]- हालिना नेल्केन: And Yet, I Am Here, अनुवाद: नेल्केन और नाइटेकी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैसाचुसेट्स प्रेस, 1999
- तादेउश द्रेव्नोव्स्की: Postal Indiscretions: The Correspondence of Tadeusz Borowski, अनुवाद: ए. नाइटेकी, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी प्रेस, 2007
- मिएचिस्लाव लुर्चिन्स्की: The Old Guard, अनुवाद: ए. नाइटेकी, SUNY प्रेस, 2009
प्रमुख कृतियाँ
[संपादित करें]- Figures of Old Age in Fourteenth Century English Literature, ग्रंथ: Aging and the Aged in Medieval Europe, संपादक: माइकल एम. शीहान, 1990
- Recovered Land, यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैसाचुसेट्स प्रेस, 1995 ISBN 0-87023-976-7
- Jakub's World: A Boy's Story of Loss and Survival in the Holocaust (जैक टेरी के साथ), SUNY प्रेस, 2005 ISBN 0-7914-6407-5
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- एलिसिया नाइटेकी Archived 2010-07-30 at the वेबैक मशीन — ब्रेंटली विश्वविद्यालय प्रोफ़ाइल
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ उनका जन्म एलिसिया वाइशोत्स्का के रूप में हुआ था। बाद में उन्होंने अपने सौतेले पिता का उपनाम कोरज़ेनियोव्स्की अपनाया और ज़्बिग्न्येव नाइटेकी से विवाह के बाद नाइटेकी उपनाम ग्रहण किया।
- ↑ लॉटरबाख में बिताए गए समय और 1990 के दशक में वहाँ की गई पुनः यात्राओं का वर्णन उनकी पुस्तक Recovered Land के अध्याय Lauterbach-im-Schwarzwald में मिलता है।
- ↑ शोध प्रबंध: The Presence of the Past: the Sense of Time in the York Cycle of Mystery Plays (1976); मार्गदर्शक: जे. एल. बेयर्ड।