एलिमेन्ट्स (यूक्लिड)

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सन् १५७० में यूक्लिड के 'एलिमेंट्स' का सर हेनरी बिलिंग्सली द्वारा अंग्रेजी भाषा में अनूदित पुस्तक का मुखपृष्ठ

एलीमेंट्स (Elements ; यूनानी : Στοιχεῖα = Stoicheia) यूक्लिड का सबसे बड़ा गणित तथा ज्यामिति का ग्रंथ है, जो १३ भागों में है। इसमें परिभाषाएँ, स्वयंसिद्ध, प्रमेय और निर्मेय के कथन तथा उनकी उपपत्तियाँ दी गयी हैं।

परिचय[संपादित करें]

इससे पहले भी बहुत से गणितज्ञों ने ज्यामितियाँ लिखी थीं, परंतु उन सब के बाद जो ज्यामिति यूक्लिड ने लिखी उसकी बराबरी आज तक कोई नहीं कर सका है और न संसार में आजतक कोई ऐसी पुस्तक लिखी गई जिसने किसी विज्ञान के क्षेत्र में बिना बदले हुए लगभग २,००० वर्षो तक अपना प्रभुत्व जमाए रखा हो और जो मूल में १९वीं शताब्दी के अंत तक पढ़ाई जाती रही हो। यूक्लिड ने नई उत्पत्तियाँ दी। उत्पत्तियों के क्रम भी बदल दिए, जिससे पुरानी उत्पत्तियाँ सब बेकार हो गई। यह मानना ही पड़ेगा कि पुस्तक की अभिकल्पना उसकी अपनी थी। उसने उस समय तक के सभी अनुसंधानों को अपनी पुस्तक में दे दिया था। उसने सभी तथ्यों को बड़े तार्किक ढंग से ऐसे क्रम में लिखा कि प्रत्येक नया प्रमेय उसके पहले प्रमेयों के तथ्यों पर आधारित था। ऐसा करते करते यूक्लिड ऐसे तथ्यों पर पहुँचे जिनके लिये प्रमाण की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने ऐसे तथ्यों को स्वयंसिद्ध कहा। ऐसे स्वयंसिद्धों की संख्या कहीं छह, या कहीं बारह है। अंतिम स्वयंसिद्ध इस प्रकार है। यदि एक रेखा दो रेखाओं को काटे और एक ओर अंत:कोणें का योग दो समकोण से कम है। बहुत दिनों तक तो इस स्वयंसिद्ध के विषय में किसी को आलोचना करने का साहस नहीं हुआ, परंतु लोग इसको स्वयंसिद्ध मानने में आपत्ति करते रहे। यहाँ तक कि बहुत अन्वेषण हुए। १९वीं शताब्दी में ही लोग इस निष्कर्ष पर पहुँच पाए कि उपर्युक्त स्वयंसिद्ध सत्य नहीं है, जिससे उन्होंने अयूक्लिडीय ज्यामिति का आविष्कार किया।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

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