एम4 कार्बाइन (M4 carbine) (आधिकारिक पदनाम: कार्बाइन, कैलिबर 5.56 मिमी, एम4) एक असॉल्ट राइफल है, जिसे 1980 के दशक के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में विकसित किया गया था। यह मूल एम16ए2 असॉल्ट राइफल का ही एक संक्षिप्त संस्करण है। अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा एम4 का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। अमेरिकी सेना ने अपनी थल सेना (2010 से) और मरीन कोर (2016 से) की लड़ाकू इकाइयों में प्राथमिक इन्फैंट्री सर्विस राइफल के रूप में पुरानी एम16 राइफल के स्थान पर मुख्य रूप से इसी राइफल को शामिल करने का निर्णय लिया था।[1][2] एम4 को दुनिया भर के 60 से अधिक देशों द्वारा अपनाया गया है,[3] और इसे "21वीं सदी के सबसे विशिष्ट आग्नेयास्त्रों" में से एक माना जाता है।[3]
वर्ष 1994 में इसे अपनाए जाने के बाद से[3], इस हथियार की अनुकूलन क्षमता, एर्गोनॉमिक्स और मॉड्यूलरिटी को बेहतर बनाने के लिए एम4 में 90 से अधिक संशोधन किए गए हैं। इनमें प्रमुख हैं: एम4ए1 संस्करण, जिसमें एक भारी बैरल का उपयोग किया गया है और इसके बर्स्ट-फायर मोड को पूरी तरह से स्वचालित फायरिंग प्रणाली में बदल दिया गया है; ऑप्टिकल अटैचमेंट से युक्त सोपमॉड एक्सेसरी किट; तथा अंडरबैरल हथियारों की एक शृंखला, जिसमें एम203 व एम320 ग्रेनेड लॉन्चर से लेकर मास्टरकी और एम26-मास शॉटगन तक शामिल हैं।
अप्रैल 2022 में, अमेरिकी सेना ने एम16 और एम4 की जगह लेने के लिए अगली पीढ़ी के स्क्वाड हथियार कार्यक्रम के विजेता के रूप में एम7 राइफल का चयन किया, जो सिग एमसीएक्स स्पीयर का ही एक संस्करण है।[4]
↑"Small Arms–Individual Weapons"(PDF). Federation of American Scientists (FAS). 3 November 2010. 9 February 2011 को मूल से पुरालेखित(PDF). अभिगमन तिथि: 8 November 2010.