एन्जेलिक अम्ल
दिखावट
एंजेलिक अम्ल (angelic acid) अपेसियाई (Apiaceae) परिवार के पादपों में पाया जाने वाला मोनोकार्बोक्सिलिक असंतृप्त कार्बनिक अम्ल है। यह एक अस्थिर ठोस पदार्थ है जिसका स्वाद तीखा और खट्टी गंध वाला होता है। यह 2-मिथाइल-2-ब्यूटेनोइक अम्ल का सिस-समावयवी है जिसे गर्म करने या आकार्बनिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके आसानी से ट्रांस-समावयवी, टिगलिक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है। इसके विपरीत रूपान्तरण की गति बहुत कम होती है। एंजेलिक अम्ल के लवण और एस्टर को एंजेलेट्स (angelates) कहा जाता है। एंजेलिक अम्ल एस्टर जड़ी-बुटियों से बनी उन औषधियों में सक्रिय घटक है जिनका उपयोग दर्द, बुखार, वातरक्त, पेट में जलन आदि में होता हैं।
नामकरण और खोज
[संपादित करें]एंजेलिक अम्ल को सन् 1842 में उद्यान एंजेलिका की जड़ों से जर्मन फार्मासिस्ट लुड्विग एंड्रेस बचनर (1813–1897) ने पहली बार अलग किया था।[1]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Buchner, L. A. (1842). "Ueber eine eigenthümliche flüchtige Säure aus der Angelicawurzel: Eine briefliche Mittheilung". Justus Liebigs Ann. Chem. 42 (2): 226–233. डीओआई:10.1002/jlac.18420420211.