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एनल्स (टैसिटस)

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एनल्स
लेखकपब्लियस कॉर्नेलियस टैसिटस
भाषाशास्त्रीय लैटिन
विषयरोमन इतिहास, जूलियो-क्लॉडियन राजवंश, राजनीति, सत्ता का भ्रष्टाचार
शैलीइतिहासलेखन
प्रकाशन स्थानरोमन साम्राज्य
पृष्ठमूल रूप से 16 या 18 खंड, जिनमें से कई खो गए हैं।
इससे पहलेद हिस्टरीज़ 

एनल्स (अंग्रेज़ी: Annals, लातिन: Annales) महान रोमन सीनेटर और इतिहासकार पब्लियस कॉर्नेलियस टैसिटस द्वारा रचित एक उत्कृष्ट ऐतिहासिक ग्रंथ है। यह पुस्तक 14 ईस्वी में रोमन साम्राज्य के पहले सम्राट ऑगस्टस की मृत्यु से लेकर 68 ईस्वी में सम्राट नीरो की मृत्यु तक के रोमन साम्राज्य के इतिहास का वर्णन करती है। टैसिटस की इस रचना को शास्त्रीय पुरातनता के इतिहासलेखन का शिखर माना जाता है, जो अपने संक्षिप्त, तीखे गद्य और मानव मनोविज्ञान की गहरी समझ के लिए प्रसिद्ध है।[1]

संरचना और जीवित पांडुलिपियाँ

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टैसिटस ने 'एनल्स' को अपनी एक अन्य प्रमुख कृति द हिस्टरीज़ के बाद अपने जीवन के अंतिम वर्षों (लगभग 116 ईस्वी) में लिखा था। माना जाता है कि मूल 'एनल्स' को 16 (या संभवतः 18) खंडों में विभाजित किया गया था, जो चार जूलियो-क्लॉडियन सम्राटों के शासनकाल को कवर करते थे:

  • टाइबेरियस: खंड 1 से 6
  • कैलिगुला: खंड 7 से 10 (ये सभी खंड पूरी तरह से खो गए हैं)
  • क्लॉडियस: खंड 11 से 12
  • नीरो: खंड 13 से 16 (खंड 16 का मध्य भाग भी खो गया है)

आज जो 'एनल्स' हमारे पास उपलब्ध है, वह 9वीं और 11वीं शताब्दी में जर्मन मठों में भिक्षुओं द्वारा संरक्षित की गई केवल दो अलग-अलग पांडुलिपियों (मेडिसियन I और II) पर निर्भर करता है। इस ग्रंथ के महत्वपूर्ण हिस्से, विशेष रूप से कैलिगुला का पूरा शासनकाल, इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए खो चुके हैं।[2][3]

मुख्य विषय: सत्ता का पतन और सीनेट

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टैसिटस का मुख्य उद्देश्य केवल घटनाओं को रिकॉर्ड करना नहीं था, बल्कि रोमन गणतंत्र के पतन और 'प्रिंसिपेट' (एक व्यक्ति के निरंकुश शासन) के उदय का विश्लेषण करना था।

  • सम्राटों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण: टैसिटस ने सम्राटों, विशेष रूप से टाइबेरियस, को एक जटिल, संदिग्ध और क्रूर तानाशाह के रूप में चित्रित किया है। वे दिखाते हैं कि कैसे निरंकुश सत्ता न केवल शासक को बल्कि पूरे रोमन कुलीन वर्ग को भ्रष्ट और चापलूस बना देती है।[4]

ईसा मसीह का ऐतिहासिक संदर्भ

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'एनल्स' के खंड 15, अध्याय 44 में एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भ है। यह मार्ग रोम की महान आग का वर्णन करता है, जिसका दोष सम्राट नीरो ने ईसाइयों पर मढ़ दिया था।

टैसिटस लिखते हैं कि "ईसाई" नाम उनके संस्थापक क्रिस्टस' से आया है, जिन्हें सम्राट टाइबेरियस के शासनकाल में जूडिया के रोमन गवर्नर पोंटियस पिलेट द्वारा मृत्युदंड दिया गया था। यह अंश किसी भी रोमन और गैर-ईसाई स्रोत में ईसा मसीह के क्रूस पर चढ़ने का सबसे प्रारंभिक और सबसे प्रामाणिक स्वतंत्र साक्ष्य माना जाता है।[5]

साहित्यिक शैली

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टैसिटस 'सिल्वर लैटिन' युग के सबसे महान गद्य लेखकों में से एक हैं। सिसरो की लंबी और अलंकृत शैली के विपरीत, टैसिटस का गद्य अत्यधिक संक्षिप्त, विडंबनापूर्ण और तीखा है। वे अक्सर वाक्यों को अधूरा छोड़ देते हैं या व्याकरणिक अपेक्षाओं को तोड़ देते हैं, ताकि घटनाओं के अंधेरे और अस्थिर स्वभाव को दर्शाया जा सके। उनके लेखन ने पुनर्जागरण काल के कई विचारकों, जैसे मैकियावेली, को गहराई से प्रभावित किया।

सन्दर्भ

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  1. ↑ Church, Alfred John;
  2. ↑ Martin, Ronald H. (1981). Tacitus and the Writing of History. University of California Press. pp. 104-115. ISBN 978-0520044272.
  3. ↑ "Tacitus and his manuscripts"[मृत कड़ियाँ]
  4. ↑ Syme, Ronald (1958). "Tacitus". Oxford University Press. 1: 250–265.
  5. ↑ Van Voorst, Robert E. (2000). Jesus Outside the New Testament: An Introduction to the Ancient Evidence. Wm. B. Eerdmans Publishing. pp. 39-53. ISBN 978-0802843685.

बाहरी कड़ियाँ

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