एचएएल एचटीटी-40

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
एचटीटी-40
एचएएल एचटीटी -40 का मॉडल
प्रकार बेसिक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट
उत्पत्ति का देश भारत
उत्पादक हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड
प्रथम उड़ान 31 मई 2016[1]
स्थिति कार्यरत
प्राथमिक उपयोक्ता भारतीय वायुसेना
निर्मित इकाई एक प्रोटोटाइप
इकाई लागत ₹ 34.5 करोड़ ($ 6.5 मिलियन)[2]

एचएएल एचटीटी-40 हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) एक बेसिक ट्रेनर वायुयान है। इसका प्रयोग भारतीय वायुसेना रिटायर्ड एचपीटी-32 दीपक वायुयान के स्थान पर किया जायेगा। [3][4]

डिजाईन और विकास[संपादित करें]

एचटीटी-40 ऑल-मेटल, टैंडेम सीट एयरक्राफ्ट होगा जिसको 1,100 अश्वशक्ति (820 कि॰वाट) टर्बोप्रॉप इंजन से शक्ति मिलेगी।[4]

2012 के मध्य तक इसका भविष्य संदेह में था क्योंकि भारतीय वायुसेना ने एचटीटी 40 की जगह को भरने के लिए पिलाटस पीसी-7 एमके 2 का ऑर्डर दे दिया था। सितम्बर 2012 में वायु सेना ने अनोपचारिक रूप से यह जताया कि उन्होंने एचटीटी-40 को पीसी-7 एमके 2 जो कि दुनिया का एक जाना माना वायुयान है जो दुनिया भर में अपनी सेवा पहले से ही दे रहा है, से दुगनी क़ीमत होने के कारण नकार दिया। एक एमओडी ऑफिसर ने कहा, "रणनीतिक प्रतिरक्षा सामग्री में घरेलू क्षमताओं को बढ़ने के लिए हम अधिक मूल्य चुकाने को तैयार होंगे पर क्या एचएएल इस बात पर कोई तर्क दे सकता है कि बेसिक ट्रेनर रणनीतिक रूप से अहम है[?]" [5][6][7] एचएएल ने आईएएफ़ की घोषणा की पुष्टि नहीं की कि वह एचटीटी-40 को नहीं खरीदेगी न ही कंपनी ने यह बताया कि इस वायुयान का विकास जारी रहेगा या नहीं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा," हम अपने सभी एमओडी मामलों/प्रस्तावों को गुप्त रखते हैं... हमारे सारे प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय हित को ध्यान में रख के ही होते हैं हालांकि, उनमें से कुछ फलीभूत होने के लिए समय लेते हैं "। [5]

28 फेब्रुअरी8 2015 को यह रिपोर्ट किया गया कि भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 68 एचएएल एचटीटी-40 ट्रेनर और 38 पिलाटस ट्रेनर को अपने वर्तमान के ट्रेनर को बदलने के लिये चुन लिया है।[8]

21 जून 2015 को एचएएल ने हनीवैल जेरिट टीपीई332- 12बी को ट्रेनर को शक्ति देने के लिए चुना।[9]

एचएएल ने 2 फरवरी 2016 को पहला प्रोटोटाइप बाहर निकाला।[10]

31 मई 2016 को इसकी प्रथम उड़ान हुई। इसे एचएएल के चीफ टेस्ट पायलट, ग्रुप कैप्टन सुब्रमण्यम (रिटायर्ड) द्वारा उड़ाया गया। उड़ान 30 मिनट में खत्म हो गयी। पायलट ने अनेक चक्कर लगाये और वायुयान की परफॉर्मेन्स संतोषजनक पाई गयी। [1]

विशेषताएं (एचटीटी-40)[संपादित करें]

एचएएल[4] से डेटा

सामान्य विशेषतायें

  • क्रू (चालक दल): 2
  • कुल भार: 2,800 कि॰ग्राम (6,173 पौंड)
  • पावरप्लांट: 1 × हनीवैल जेरिट टीपीई331-12बी टर्बोप्रॉप, 820 कि॰वाट (1,100 अश्वशक्ति)

प्रदर्शन

  • अधिकतम गति: 600 किमी/घंटा (373 मील/घंटा; 324 नॉट) [11]
  • रेंज: 1,000 कि॰मी॰ (621 मील; 540 समुद्री मील)
  • सर्विस सीलिंग: 6,000 मी॰ (20,000 फीट)

अस्त्र-शस्त्र

  • बन्दुक , राकेट और बम लगाये जा सकते हैं।[2][11]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "HAL-built HTT-40's first flight successful". One India. 31 May 2016. अभिगमन तिथि 31 May 2016.
  2. "HAL's trainer pitted as Rs 4,500 cr cheaper than Swiss Pilatus trainer". Business Standard. 15 April 2013. अभिगमन तिथि 16 April 2013.
  3. HAL Offers New Basic Trainer to Air Force वेबैक मशीन पर वेबैक मशीन पर दिसम्बर 17, 2010 को पुरालेखित.
  4. Hindustan Aeronautics Ltd (n.d.). "Hal htt-40". अभिगमन तिथि 8 May 2012.
  5. Shukla, Ajai (19 December 2012). "MoD rejects HAL's proposal to build basic trainer". Business Standard. अभिगमन तिथि 19 December 2012.
  6. "Basic trainer for IAF | Millennium Post". Millenniumpost.in. 2012-06-22. अभिगमन तिथि 2012-11-28.
  7. SP's Special Correspondent (2012-06-18). "HAL scouts engine for HTT 40 basic trainer - SP's Aviation". Spsaviation.net. अभिगमन तिथि 2012-11-28.
  8. "Parrikar: 68 basic trainer aircraft to come from HAL, 38 from Pilatus". द इंडियन एक्सप्रेस. 1 March 2015. अभिगमन तिथि 1 March 2015.
  9. "HAL Chooses TPE331 for New Indian Basic Trainer".
  10. "Boost to Make in India: HAL Rolls-out HTT-40 Prototype". The New Indian Express. अभिगमन तिथि 2 February 2016.
  11. "Our trainer aircraft 40 times better than F-16s". Bangalore Mirror. 6 February 2013. अभिगमन तिथि 9 February 2013.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]