एगमार्क

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एगमार्क
प्रमाणन संस्था निदेशालय विपणन और निरीक्षण, भारत सरकार
प्रभावी क्षेत्र भारत
प्रभावी दिनांक 1937, 1986 (संशोधन)
उत्पाद श्रेणी कृषि उत्पाद
कानूनी दर्जा सलाहकार
वेबसाइट agmarknet.nic.in/agm std1.htm

एगमार्क (AGMARK) एक प्रमाणचिह्न है जो भारत में कृषि/खाद्य उत्पादों पदार्थों पर लगाया जाता है। जिन उत्पादों पर एगमार्क लगा हो, उनके बारे में आशा की जाती है कि वे उत्पाद कुछ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। ये मानक भारत सरकार के विपणन तथा निरीक्षण निदेशालय द्वारा अनुमोदित होते हैं। एगमार्क का उपयोग कृषि उत्पाद अधिनियम १९३७ द्वारा लागू होता है जो १९८६ में संशोधित की गयी थी।

वर्तमान एगमार्क मानक में २०५ विभिन्न जिन्सों के गुणवत्ता के दिशानिर्देश दिए गये हैं जिनमें दालें, अन्न, आवश्यक खाद्य तेल, फल, सब्जियाँ तथा अर्ध-प्रसंस्कृत उत्पाद (जैसे वर्मीसेली) आदि हैं।

एगमार्क शुद्ध रूप से खाद्य पदार्थों से जुड़ा हुआ प्रमाण चिन्ह है जो खाद्य वस्तुओं की शुद्धता को सुनिश्चित करता है। विश्व व्यापार संगठन द्वारा तय किए गए मानकों को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय द्वारा यह चिन्ह दिया जाता है। इस मार्क के मिल जाने से विक्रेता को अपने उत्पाद की शुद्धता को प्रमाणित करने के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती। क्रेता इस मार्क को देखकर ही उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता पर विश्वास कर सकता है।

विपणन तथा निरीक्षण निदेशालय, कृषि उत्‍पाद (श्रेणीकरण तथा मार्किंग) अधिनियम, 1937 जिसे 1986 में संशोधित किया गया, के अंतर्गत कृषि तथा उससे संबंधित उत्‍पाद के प्रोत्‍साहन, मानकीकरण तथा श्रेणीकरण में लगा हुआ है। यह एगमार्क मानकों के नाम से सुविख्‍यात है। भारतीय खाद्य निगम, खाद्य मिलावट रोकथाम के मानकों के अनुसार गुणवत्ता आवश्‍वासन प्रदान करने तथा खाद्यान की गुणवत्ता हो कारगर ढंग से मोनिटर करने के लिए पूरे देश में परीक्षण प्रायोगशालाओं का इस्‍तेमाल करता है।

जो पार्टियां अपने जिंसों का श्रेणीकरण एगमार्क के अंतर्गत कराना चाहिती हैं उन्‍हें पहले प्राधिकरण पत्र प्राप्‍त करना होगा। इस प्रयोजन के लिए उनके पास जिंसों को प्रोसेस करने तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा कारकों के निर्धारण के लिए अनुमोदित प्रयोगशाला तक पहुंच बनाने के लिए पर्याप्‍त अवसंरचना होनी चाहिए। इच्‍छुक पार्टियों को विहित दस्‍तावेजों के साथ विहित प्रपत्र में निदेशालय के निकटतम कार्यालय को आवेदन करना पड़ता है। पार्टियों को अवसंरचना, प्रसंस्‍करण सुविधाओं, प्रयोगशाला के ब्‍यौरे तथा अधिप्रमाणन प्रमाणपत्र प्राप्‍त करने के लिए इच्‍छा का ब्‍यौरा देना पड़ता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]