एआई इम्पैक्ट समिट
| एआई इम्पैक्ट समिट | |
|---|---|
| मेजबान देश |
|
| दिवस | १६–२० फ़रवरी २०२६ ईस्वी |
| स्थल | भारत मण्डपम्, नयी दिल्ली |
| पूर्व सम्मेलन |
एआई ऐक्शन समिट |
| जालस्थल | impact.indiaai.gov.in |
एआई इम्पैक्ट समिट (अंग्रेज़ी: AI Impact Summit), औपचारिक रूप से इण्डिया एआई इम्पैक्ट समिट २०२६ (अंग्रेज़ी: India AI Impact Summit 2026), कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एक अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका आयोजन भारत मण्डपम्, नयी दिल्ली, भारत में १६–२१ फ़रवरी २०२६ को सम्पन्न हुआ।[1][2] यह वैश्विक एआई सम्मेलनों की शृंखला का चतुर्थ आयोजन है, जिसके पूर्व २०२३ में ब्लेच्ली पार्क एआई सेफ़्टी समिट, २०२४ में एआई सियोल समिट तथा २०२५ में पेरिस में एआई ऐक्शन समिट आयोजित हुए थे।[3] इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मन्त्रालय के अधीन इण्डियाएआई मिशन के अन्तर्गत आयोजित यह सम्मेलन इस शृंखला का प्रथम आयोजन है जिसकी मेज़बानी किसी वैश्विक दक्षिणराष्ट्र ने की।
समारोह का उद्घाटन १९ फ़रवरी २०२६ को प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया।[4] उद्घाटन सत्र में फ़्राँस के राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव अन्तोनियो गुतरेस ने भी उद्बोधन दिया।[5]
इस आयोजन की आलोचना भी हुई, विशेषतः अव्यवस्थित प्रबन्धन, चीनी उत्पादों को भारतीय उत्पादों के रूप में प्रस्तुत करने तथा शासन द्वारा जनसम्पर्क (PR) हेतु आयोजन के उपयोग को लेकर।
पृष्ठभूमि
[संपादित करें]एआई इम्पैक्ट समिट एक अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका आयोजन १६–२० फ़रवरी २०२६ को नयी दिल्ली में निर्धारित था। यह २०२५ के पेरिस एआई ऐक्शन समिट, २०२४ के एआई सियोल समिट तथा २०२३ के ब्लेच्ली पार्क एआई सेफ़्टी समिट के पश्चात आयोजित हुआ।[6][7]
क़्रोवेल ऐण्ड मोरिंग के अनुसार, सम्मेलनों के परिवर्तित शीर्षक यह संकेत देते हैं कि वैश्विक विमर्श का केन्द्र अब एआई सुरक्षा एवं शासन से हटकर व्यावहारिक प्रभाव, क्रियान्वयन तथा मापनीय परिणामों की ओर अग्रसर हो रहा है।[8]
सम्मेलन से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक पैनल ने द्वितीय अन्तरराष्ट्रीय एआई सेफ़्टी रिपोर्ट प्रकाशित की।[9]
सम्मेलन की रूपरेखा तीन आधारभूत स्तम्भों, “सूत्र”, पर आधारित थी: जन, धरा और प्रगति।[10] इन स्तम्भों के अनुरूप सात विषयगत कार्यदल गठित किए गए, जिनका उद्देश्य आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण हेतु एआई, एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समावेशन, सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई, मानव पूँजी, विज्ञान, तथा लचीलापन, नवोन्मेष, दक्षता जैसे क्षेत्रों में परिणाम प्रस्तुत करना था।[11]
कार्यक्रम
[संपादित करें]सम्मेलन पाँच दिनों तक चला, किन्तु अत्यधिक जन‑रुचि के कारण इसे बढ़ाकर छह दिन कर दिया गया।[12] मूलतः २० फ़रवरी को समाप्त होने वाला यह आयोजन २१ फ़रवरी तक विस्तारित किया गया तथा प्रदर्शनी के सायंकालीन समय भी बढ़ाए गए।[13]
इण्डिया एआई इम्पैक्ट एक्स्पो
[संपादित करें]प्रधानमन्त्री मोदी द्वारा १६ फ़रवरी को उद्घाटित इण्डिया एआई इम्पैक्ट एक्स्पो में ३० देशों के ३०० से अधिक प्रदर्शक सम्मिलित हुए।[14] दस से अधिक विषयगत पविलियनों में प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिनमें स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा तथा सतत् उद्योग जैसे क्षेत्रों में एआई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया गया।[15]
नेताओं का पूर्ण अधिवेशन एवं सीईओ गोलमेज़
[संपादित करें]१९ फ़रवरी को आयोजित नेताओं के पूर्ण अधिवेशन में राष्ट्राध्यक्षों, मन्त्रियों तथा बहुपक्षीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एआई शासन, अवसंरचना तथा अन्तरराष्ट्रीय सहयोग पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उसी सायंकाल आयोजित सीईओ गोलमेज़ में वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं उद्योग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने शासन‑प्रतिनिधियों के साथ निवेश, अनुसन्धान सहयोग तथा एआई प्रणालियों के क्रियान्वयन पर विचार‑विमर्श किया।[16][17]
अनुसन्धान संगोष्ठी
[संपादित करें]१८ फ़रवरी को एआई एवं उसके प्रभाव पर अनुसंधान संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें ज्ञान‑सहयोगी के रूप में आईआईआईटी हैदराबाद सम्मिलित था। चर्चाओं में स्वदेशी एआई अवसंरचना, वैश्विक अंगीकरण की चुनौतियाँ, अनुसंधान उपलब्धियाँ तथा नीतिगत प्राथमिकताएँ सम्मिलित थीं।[18]
प्रतिभागी
[संपादित करें]सम्मेलन में १०० से अधिक देशों के प्रतिनिधिमण्डल उपस्थित हुए, जिनमें २० से अधिक राष्ट्राध्यक्ष तथा ६० मन्त्री सम्मिलित थे। प्रौद्योगिकी क्षेत्र से प्रमुख प्रतिभागियों में सुन्दर पिचाई (गूगल), सैम ऑल्टमैन (ओपनएआई), दारियो अमोडेई (ऐन्थ्रॉपिक), डेमिस हासाबिस (गूगल डीपमाइण्ड) तथा मुकेश अम्बानी (रिलायन्स इण्डस्ट्रीज़) सम्मिलित थे।[19] बहुपक्षीय संस्थानों से विश्व बैंक के सांगबू किम उपस्थित थे।[20]
घोषणाएँ एवं परिणाम
[संपादित करें]भारतीय एआई मॉडल
[संपादित करें]सम्मेलन में अनेक भारतीय एआई प्रतिरूप एवं उत्पाद प्रदर्शित किए गए। एक भारतीय एआई प्रयोगशाला, सर्वम् एआई ने ३० अरब तथा १.०५ खरब प्राचलों वाले विशेषज्ञ-मिश्रण आधारित नवीन भाषा-प्रतिरूपों के साथ-साथ, लेख-से-वाक, वाक-से-लेख एवं दृष्टि प्रतिरूप प्रस्तुत किए। सर्वम् ने 'काज़े' स्मार्टग्लासेस (चतुर-चश्मा) भी प्रदर्शित किए, जिनका परीक्षण प्रधानमन्त्री मोदी ने इस प्रदर्शनी में किया।[21][22]
सरकार-समर्थित भारतजेन 'परम२' प्रतिरूप, जो १७-अरब प्राचलों वाला, २२ भारतीय भाषाओं को समर्पित और बहु-विध क्षमताओं से युक्त है, भी इस सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया।[23]
अवसंरचना प्रतिबद्धताएँ
[संपादित करें]केन्द्रीय मन्त्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की “राष्ट्र‑व्यापी” एआई रणनीति का विवरण प्रस्तुत करते हुए “मितव्ययी, स्वायत्त एवं विस्तारक्षम” एआई पारितन्त्र के निर्माण की योजना बताई।[24] सरकार ने इण्डियाएआई कम्प्यूट प्रवेशद्वार के अन्तर्गत विद्यमान ३८,००० जीपीयू के अतिरिक्त २०,००० से अधिक जीपीयू जोड़ने की घोषणा की।[25]
माइक्रोसॉफ़्ट ने सम्मेलन में घोषणा की कि वह दशक के अन्त तक निम्न‑आय वाले देशों में एआई पहुँचाने हेतु ५० अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के मार्ग पर अग्रसर है।[26]
गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड
[संपादित करें]सम्मेलन के दौरान भारत ने २४ घण्टों में एआई उत्तरदायित्व अभियान हेतु सर्वाधिक प्रतिज्ञाएँ प्राप्त करने का गिनीज़ विश्व‑रिकॉर्ड स्थापित किया, १६–१७ फ़रवरी २०२६ के मध्य २,५०,९४६ वैध प्रतिज्ञाएँ संकलित की गईं। इण्टेल इण्डिया के सहयोग से इण्डियाएआई मिशन के अन्तर्गत संचालित इस अभियान ने अपने प्रारम्भिक ५,००० प्रतिज्ञाओं के लक्ष्य को अत्यधिक पार कर लिया।[27][28]
विवाद
[संपादित करें]गल्गोटियास विश्वविद्यालय प्रकरण
[संपादित करें]१८ फ़रवरी को गल्गोटियास विश्वविद्यालय को व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा, जब उसके एक प्रतिनिधि ने विश्वविद्यालय के पविलियन में एक रोबोट‑कुत्ते को स्वदेशी विकास के रूप में प्रस्तुत किया। सामाजिक माध्यमों पर उपयोगकर्ताओं ने इसे चीनी कम्पनी यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा निर्मित यूनिट्री गो२ के रूप में पहचाना।[29][30] आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि प्रदर्शक अपने नहीं होने वाले उत्पाद प्रदर्शित करें, और विश्वविद्यालय को अपना स्टॉल खाली करने का निर्देश दिया गया।[31] विश्वविद्यालय ने क्षमा‑याचना जारी की, यह कहते हुए कि प्रतिनिधि “अल्प‑सूचित” था तथा मीडिया से वार्ता हेतु अधिकृत नहीं था।[32]
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी हुईं, और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसे सरकार की आलोचना के लिए उपयोग किया।[33] विवाद तब और बढ़ा जब केन्द्रीय आईटी मन्त्री अश्विनी वैष्णव द्वारा रोबोट का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर साझा किया गया, जिसे बाद में हटा दिया गया।[34]
संगठनात्मक समस्याएँ
[संपादित करें]सम्मेलन के प्रथम दिवस बेंगलुरु‑स्थित उद्यमी धनञ्जय यादव ने आरोप लगाया कि उनका उत्पाद सम्मेलन में चोरी हो गया। उन्होंने इसे “जन‑कष्ट” बताते हुए लिखा कि उन्होंने उड़ानों, आवास, प्रबन्धन तथा स्टॉल के लिए व्यय किया, किन्तु उनके पहनने योग्य उपकरण उच्च‑सुरक्षा क्षेत्र में ग़ायब हो गए। बाद में दिल्ली पुलिस ने चोरी हुए उपकरण बरामद किए।
ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया कि १९ फ़रवरी को प्रधानमन्त्री की यात्रा से पूर्व सुरक्षा‑बन्दी के दौरान प्रतिनिधियों को भोजन एवं जल के बिना प्रतीक्षा करनी पड़ी। प्रधानमन्त्री की यात्रा के कारण उस दिन सम्मेलन‑स्थल को जनसाधारण के लिए बन्द कर दिया गया, जिससे पंजीकृत आगन्तुकों में असन्तोष उत्पन्न हुआ।[35]
प्रतिक्रिया एवं विश्लेषण
[संपादित करें]ब्लूमबर्ग न्यूज़ ने लिखा कि प्रधानमन्त्री मोदी ने इस सम्मेलन का उपयोग भारत की वैश्विक एआई आकांक्षाओं को रेखांकित करने हेतु किया, विशेषतः विदेश‑नीति के चुनौतीपूर्ण वर्ष के पश्चात।[36]
टेकपॉलिसी.प्रेस ने सम्मेलन पर अनेक आलोचनात्मक विश्लेषण प्रकाशित किए। एक लेख में कहा गया कि सम्मेलन की संरचना ने सीईओ गोलमेज़ एवं नेताओं के पूर्ण अधिवेशन के माध्यम से बहुराष्ट्रीय निगमों को संप्रभु सरकारों के समकक्ष स्थान प्रदान किया, जबकि नागरिक समाज, श्रमिक संगठनों या मानवाधिकार संरक्षकों के लिए कोई समकक्ष उच्च‑स्तरीय मंच उपलब्ध नहीं कराया गया। एक अन्य विश्लेषण में कहा गया कि भारत का एआई शासन‑दृष्टिकोण, फ़्राँस की भाँति, इन सम्मेलनों को मुख्यतः व्यापार‑केन्द्रित आयोजन के रूप में देखता है, और किसी भी “दिल्ली घोषणा” के वैश्विक शासन में ठोस प्रतिबद्धताओं में परिणत होने की सम्भावना न्यून है।[37]
टेकपॉलिसी.प्रेस ने यह भी रिपोर्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रतिनिधिमण्डल सहयोग की अपेक्षा “प्रभुत्व” पर केन्द्रित एजेण्डा लेकर आया, तथा एआई को चीन के विरुद्ध भू‑राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के रूप में प्रस्तुत किया।[38]
आउटलुक इण्डिया ने सम्मेलन में एआई जोखिमों, पर्यावरणीय प्रभाव, श्रम‑विस्थापन, निगरानी एवं पक्षपात की सम्भावनाओं, पर विमर्श का विश्लेषण प्रकाशित किया।[39]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Press Information Bureau (February 2026). India-AI Impact Summit 2026. प्रेस रिलीज़. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2216805. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "AI Impact Summit 2026: What to expect — agenda, speakers & key sessions". Business Today. 15 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Setting the Agenda for Global AI Governance: India to Host AI Impact Summit in February 2026". Crowell & Moring LLP. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "PM to inaugurate India AI Impact Summit 2026 on 19 February". Prime Minister of India. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "PM Modi to inaugurate India AI Impact Summit 2026 at Bharat Mandapam today". India TV. 18 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Public consultation for the Indian AI Impact Summit 2026". Coalition for Sustainable AI (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). Ministry of Ecological Transition and Territorial Cohesion. 2025-06-13. अभिगमन तिथि: 2025-09-01.
- ↑ "India AI Impact Summit 2026". India AI Impact Summit 2026 (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-02-09.
- ↑ "Setting the Agenda for Global AI Governance: India to Host AI Impact Summit in February 2026". Crowell & Moring - Setting the Agenda for Global AI Governance: India to Host AI Impact Summit in February 2026 (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-02-07.
- ↑ Booth, Harry (2026-02-03). "U.S. Withholds Support From Global AI Safety Report". TIME (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-02-07.
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- ↑ "AI Impact Summit 2026: What to expect — agenda, speakers & key sessions". Business Today. 15 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "AI Impact Summit 2026 Witnesses Massive Participation From Students And Tech Enthusiasts: Government Extends Expo Date". NewsX. February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "AI Impact Summit 2026 extended till February 21". Dynamite News. February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Prime Minister Narendra Modi Inaugurates India AI Impact Expo 2026 Ahead of Global AI Summit". EventFAQs. 17 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
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- ↑ "India AI Impact Summit 2026 Day 3: Key sessions, speakers to track today". Business Standard. 18 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
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- ↑ "India charts full-stack AI strategy to compete in global tech race". The Tribune. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
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- ↑ "Indian university faces backlash for presenting Chinese robot as its own". Al Jazeera. 18 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Indian university's Chinese robot dog claim at AI Impact Summit slammed as 'shameless'". South China Morning Post. 18 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Galgotias University ordered to vacate India AI Summit venue amid row over China-bought robot dog". India TV. 18 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Galgotias University apologises over Chinese robodog row at AI Summit". India TV. 18 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
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- ↑ "India's Big AI Moment Starts on Chaotic Note as Modi Arrives". Bloomberg News. 17 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "Modi Seizes AI Summit to Assert India's Global Ambitions After Tough Year". Bloomberg News. 17 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "India's AI Summit Could Prove to be New Delhi's Lost Opportunity". TechPolicy.Press. 19 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "US Delegation Heads to India AI Summit Intent on 'Domination'". TechPolicy.Press. 16 February 2026. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.
- ↑ "AI Impact Summit 2026: The Dark Side Of Tech, Analysed". Outlook India. अभिगमन तिथि: 19 February 2026.