एंडोमेट्रियोसिस
| एंडोमेट्रियोसिस | |
|---|---|
| एंडोमेट्रियोसिस की स्थिति, जिसमें गर्भाशय के अस्तर (एंडोमेट्रियम) के समान ऊतक अंडाशय और श्रोणि (पेल्विस) के अन्य अंगों पर बढ़ने लगता है। | |
| विशेषज्ञता क्षेत्र | स्त्री रोग विज्ञान |
| लक्षण | श्रोणि (पेल्विक) दर्द, अत्यधिक दर्दनाक मासिक धर्म, संभोग के दौरान दर्द, थकान |
| जटिलता | बांझपन, डिम्बग्रंथि अल्सर, क्रोनिक पेल्विक दर्द, आंतरिक घाव |
| कारण | सटीक कारण अज्ञात (प्रतिगामी मासिक धर्म, आनुवंशिकी और प्रतिरक्षा प्रणाली के विकार संभावित) |
| चिकित्सा | दर्द निवारक दवाएं, हार्मोनल थेरेपी, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (शल्य चिकित्सा) |
एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं के प्रजनन तंत्र से जुड़ी एक दर्दनाक और दीर्घकालिक (क्रोनिक) चिकित्सा स्थिति है। इस बीमारी में, गर्भाशय के अंदरूनी अस्तर को बनाने वाला ऊतक, जिसे 'एंडोमेट्रियम' कहा जाता है, गर्भाशय के बाहर अन्य अंगों पर भी असामान्य रूप से बढ़ने लगता है।[1] आमतौर पर यह अतिरिक्त ऊतक अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब और श्रोणि के अस्तर पर विकसित होता है। हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में यह श्रोणि क्षेत्र के बाहर आंतों या मूत्राशय तक भी फैल सकता है।
सामान्य मासिक धर्म चक्र के दौरान, गर्भाशय के अंदर का अस्तर हार्मोनल परिवर्तनों के कारण मोटा होता है और फिर टूटकर रक्तस्राव (पीरियड्स) के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। एंडोमेट्रियोसिस में, गर्भाशय के बाहर विकसित हुआ यह असामान्य ऊतक भी इन्हीं हार्मोनल परिवर्तनों के प्रति उसी तरह प्रतिक्रिया करता है। यह ऊतक हर महीने मोटा होता है, टूटता है और रक्तस्राव करता है, लेकिन चूंकि यह गर्भाशय के बाहर स्थित होता है, इसलिए इस रक्त को शरीर से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पाता है। इसके परिणामस्वरूप यह अंदर ही फँस जाता है, जिससे आसपास के ऊतकों में भारी जलन, सूजन और घाव बन जाते हैं। इस रोग के सबसे प्रमुख लक्षणों में मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक और असहनीय दर्द, संभोग (इंटरकोर्स) के दौरान दर्द, मलत्याग या पेशाब करते समय दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव और लगातार थकान महसूस होना शामिल हैं।[2]
एंडोमेट्रियोसिस की सबसे गंभीर जटिलताओं में से एक बांझपन है। अध्ययनों के अनुसार, लगभग एक तिहाई से आधी महिलाएं जिन्हें यह स्थिति होती है, उन्हें गर्भधारण करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। चिकित्सा विज्ञान में अभी तक एंडोमेट्रियोसिस का कोई सटीक और अंतिम कारण स्पष्ट नहीं है। हालांकि, विशेषज्ञ 'प्रतिगामी मासिक धर्म' को इसका एक प्रमुख संभावित कारण मानते हैं — एक ऐसी स्थिति जिसमें मासिक धर्म का रक्त शरीर से बाहर निकलने के बजाय वापस फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से श्रोणि गुहा में चला जाता है। इसके अतिरिक्त, आनुवंशिक (जेनेटिक) कारक और प्रतिरक्षा प्रणाली की विफलता को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है।
वर्तमान में एंडोमेट्रियोसिस का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन समय रहते निदान और उचित उपचार से इसके लक्षणों और दर्द को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। उपचार के विकल्पों में दर्द निवारक दवाएं, हार्मोन थेरेपी (जैसे गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोनल आईयूडी) शामिल हैं, जो ऊतकों के विकास को धीमा करती हैं।[3] अधिक गंभीर मामलों में, या उन महिलाओं के लिए जो गर्भधारण करना चाहती हैं, क्षतिग्रस्त और अतिरिक्त ऊतकों को हटाने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का उपयोग किया जाता है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Endometriosis: Fact Sheet". World Health Organization (WHO).
- ↑ "Endometriosis - Symptoms and causes". Mayo Clinic.
- ↑ "Overview - Endometriosis". NHS (National Health Service, UK).