ऋषि वैली

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रिशी वेली या "ऋषी वेली" : अर्थात "ऋशी की वादी" या "ऋशी की वादियां"। यहां पर एक पाठशाला भी है जिस को जिड्डू कृष्णमूर्ती ने स्थापित किया। यह एक आश्रम पाठशाला है। जिड्डू कृष्णमूर्ती को नवीन काल का ऋषी माना जाता है। इन्हों ने इस पहाडी वादी प्रांत में पाठशाला स्थापित की इस लिये इस प्रांत को ऋषी वेली कहा जाता है। भारत की रियासत आंध्र प्रदेश, चित्तूर जिला में शहर मदनपल्ली के १६ किलोमीटर समीप, शहर कदिरि के मार्ग पर है। यह वादी हार्सिली हिल्स की वादियों का एक हिस्सा है। यह प्रांत बहुत ही सुंदर है।प्रकृती के रमणीय और सुंदर दृश्य पर्यटकों को मनमोहित करती है।

आश्रम पाठशाला[संपादित करें]

विश्वप्रसिद्ध दार्शनिक जिड्डू कृष्णमूर्ती द्वारा स्थापित यह आश्रम पाठ्शाला, प्राथमिक और माध्यमिक विद्या प्रदान करताहै। यहां रहने, विद्याप्राप्त करने की सुविधा है। यहां के क्षात्रों को विद्याभ्यास के साथ साथ शारीरिक और मानसिक विकास का भी बोधन किया जाता है। 

बाहरी कडियां[संपादित करें]