ऊना हिंसा

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11 जुलाई २०१६ को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले की एक बस्ती के कुछ कथित लोगों ने गोरक्षा के नाम पर दलित समुदाय के ७ लोगों को बहुत बुरी तरह से पीटा और फिर उनके कपड़े फाड़कर बस्ती में लोगों के सामने घुमाया गया। इनमें से चार लोगों को मारे जाने का विडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाला गया।[1] इस विडियो को बाद में इन्टरनेट पर काफी लोगों ने देखा और वह वायरल हो गया। इस घटना और दलितों के खिलाफ हो रहे अन्यायों[2] के विरोध में ऊना में एक बडा आंदोलन भी खड़ा हुआ।[3]अगस्त २०१६ में ऊना दलित अत्याचार लाडत समिति के संयोजक और दलित कार्यकर्ता जिग्नेश मेवानी के नेत्रत्व में अहमदाबाद के एक रैली में हज़ारों दलित कामगारों ने मैला ढोने और जानवरों को दफनाने जैसे काम न करने की शपथ ली और सरकार को चेतावनी दी कि गुजरात में हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन देने की मांग महीने भर में नहीं मानी गई तो पूरे देश में रेल रोको आंदोलन किया जायेगा|[4]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Gopal, Kateshiya. "'Gujarat: 7 Of Dalit Family Beaten Up For Skinning Dead Cow'". The Indian Express.
  2. Surabhi, Vaya. "As Dalit Protests in Gujarat Continue, a Look at What's Behind Them". The Wire.
  3. प्रियदर्शन. "उना का दलित आंदोलन क्या हिंदू समाज को बदल पाएगा?". सत्याग्रह.
  4. हृदयेश, जोशी. "उना में दलितों ने ली मैला न उठाने की शपथ, सरकार को दिया महीने भर का वक्त". khabar.ndtv.com.