उस्मान प्रथम

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उस्मान प्रथम या उस्मान गाजी (1579/80)

उस्मान प्रथम या उस्मान ग़ाज़ी (उस्मानी तुर्की: عثمان بن ارطغرل, 'उस्मान बिन एर्तुग़रुल गाजी'; तुर्कीयाई: I. Osman, एव्वेला ओस्मान गाजी; 1258–1326) उस्मानिया सल्तनत और उस्मानी शाही ख़ानदान के संस्थापक थे। उनकी सल्तनत का शासनकाल छह सदियों तक रहा था।

सल्तनत की स्थापना[संपादित करें]

उस्मान गाज़ी के शासनकाल के दौरान उस्मानी साम्राज्य का नक़्शा

उस्मान गाजी के वालिद अर्तुग़रुल गाजी ने कायी तुर्कों के साथ मंगोलिया की सरज़मीन को छोड़कर अनातोलिया में स्थानांतरण किया। इनकी वालदा का नाम हलीमा था। उन्होंने वहाँ की सेल्जुक तुर्क रूमी सल्तनत से वफ़ादारी निभाई, बाद में इस सल्तनत ने अर्तुग़रुल गाजी को अपनी अमीरात का निर्माण करने हेतु अनुमति दी। आगे चलकर अर्तुग़रुल गाजी ने पड़ोसी बाइज़ेण्टाइन राज्यों पर विजय प्राप्तकर अपनी अमीरात की सीमाओं का विस्तार किया।

उस्मान गाज़ी ने अपने वालिद का स्थान लेकर उनकी अमीरात की सीमाओं का अधिक विस्तार किया। जिस वक्त पूरी मुस्लिम दुनिया पर एक तरफ से मंगोल और दूसरी तरफ से बायजैंटिन सम्राजय के हमला करके मासूम लोगो का खून बहाया था उस वक्त उस्मान गाज़ी ने पूरी दुनिया से बहादुर कबीलों और सिपाहियो को एक करके उस्मान गाज़ी ने अपनी सेना में शामिल किया। और वे सब मिलकर बाइज़ेण्टाइन साम्राज्य‎ पर आक्रमण करके अपने शहीदों और बहादुर सिपाहियो के साथ मंगोलो और बायजैंटिनीयो से लड़ते हुए बायजैंटिन सम्राजय पर आक्रमण किया। उस्मान गाज़ी के अन्तिम सैन्य अभियान बाइज़ेण्टाइन शहर बुर्सा पर था।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The Fall of Constantinople 1453, deur Steven Runciman, bl. 33