उषाकोठी अभयारण्य

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उषाकोठी (बडरमा) अभयारण्य , ओडिसा का सम्बलपुर जिला का एक बहुत आकर्षक पर्यटन स्थान है। यह 6 नंबर जातीय राजपथ पर सम्बलपुर से ४५ किलोमीटर दूर है और राऊरकेला से करीब २०० किलोमीटर दूर है। इसी अभयारण्य की पूरब दिशा मे हीराकुद जलभंडार , दूसरे और घंच जंगल से घिरा हुआ है। उषाकोठी अभयारण्य का आयतन ३०४ बर्ग किलोमीटर। इसी के भीतर से दो नदियां , वर्धा और पोंगाना बहता है। कहा जाता है महामुनि बसिस्ठ इसी उषकोठी जंगल पर अपना आश्रम कुछ साल के लिए बनाए थे। इसीलिए पोंगाना नदी बसिस्ठ नदी के नाम मे भी पुकारा जाता है।  

पौधे [संपादित करें]

उषाकोठी की घंच अरण्य मे चन्दन , निम्ब , साल, आकसिया जैसे कीमती पेड़ बहुत संख्या मे रहे है और हीराकुद जलभंडार के तट पर भी एक छोटा सा जंगल उनका शोभा बर्धन कर रहा है।

जीब जन्तु [संपादित करें]

उषाकोठी की जंगल मे बहुत संख्या मे जंगली हाथी , चीता बाग , रायल बेंगल बाग , तेंदुएँ , नीलगाई, बाइसन , हिरण , गोधि पाये जाते है। सर्दी के मौसम मे बहुत संख्या मे बिदेशी पंखियाँ आ कर जलभंडार के किनारे बस ते है। उसी वक़्त उषाकोठी भ्रमणकारियों के लिए बहुत आकर्षक बन जाता है।

उषाकोठी पहुँचने के लिए सम्बलपुर या झारसुगुड़ा तक ट्रेन से आकर उधर से बस या टैक्सी से उषाकोठी पहुँचा जा सकता है। उषाकोठी मे पर्ज्यातकों के लिए अतिथिभबन भी उपलब्ध है और जंगल मे घूमने के लिए जीप भी। रात को जंगली जानवर को देखने के लिए स्पॉट लाइट लगे हुए जीप और दो टावर भी उपलब्ध है।

पर्ज्यातकों के लिए सही वक़्त[संपादित करें]

उषाकोठी पर्ज्यतकों के लिए ओक्टोबर से अप्रैल तक सही समय होते है। यहाँ एक्स-मास और नए साल मनाने के लिए पिकनिक के लिए बहुत आकर्षक जागर मिलता है।  bangslois

बाहरी कड़ियाँ  [संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]