उमरकोट क़िला
| उमरकोट क़िला | |
|---|---|
عُمَر کوٹ قِلْعَہ عمرڪوٽ جو قلعو Umerkot Fort | |
| जानकारी | |
| प्रकार | मरुस्थल क़िला |
| नियंत्रण | पाकिस्तान सरकार |
| जनता के लिए खुला | हाँ |
| स्थिति | सुरक्षित स्मारक |
| अवस्थिति | |
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| निर्देशांक | 25°21′49″N 69°44′2″E / 25.36361°N 69.73389°E |
| इतिहास | |
| निर्माण | 11वीं शताब्दी |
| निर्माता | अमर सिंह प्रथम[1] |
उमरकोट क़िला (उर्दू: عُمَر کوٹ قِلْعَہ, सिन्धी: عمرڪوٽ جو قلعو, अंग्रेज़ी: Umerkot Fort) पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उमरकोट ज़िले में स्थित एक इतिहासिक क़िला है। यह मुग़ल स्म्राट अकबर का जन्मस्थान है।
इतिहास
[संपादित करें]उमरकोट क़िला को अमर सिंह प्रथम द्वारा 11वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था। जब हुमायूँ ने शेरशाह सूरी के विरुद्ध हारकर भागा, अमर ने उसे अपने क़िले में उसे शरण दी। वहाँ अकबर का जन्म हुआ था।
वर्ष 1736 में, नादिर शाह के आक्रमण के समय, मुग़ल सूबेदार नूर मुहम्मद कल्होड़ो ने यहाँ शरण लिया था।
उमरकोट क़िला सोढा राजपूत राजवंश के नियंत्रण में रहा, लेकिन पाकिस्तान के गठन के बाद, पाकिस्तान सरकार ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। हालाँकि, राणा परिवार की जागीर अभी भी 16 km दूर स्थित है।[2] क़िले का राज्यपाल राणा मेगराज था।[3]
लोककथा
[संपादित करें]उमरकोट से संबंधित एक और महत्वपूर्ण कहानी उमर मारवी की है। मारवी एक युवा थारी लड़की थी जिसे राजा उमर ने अपहरण कर लिया था। वह उसकी सुंदरता के कारण उससे शादी करना चाहता था। मारवी के अस्वीकार करने पर, उन्हें कई वर्षों तक उमरकोट क़िले में कैद रखा गया। अपने साहस के कारण, मारवी उमरकोट के लोगों के लिए एक आदर्श है।[4]
यह भी देखें
[संपादित करें]- पाकिस्तान में विश्व धरोहर स्थलों की सूची
- पाकिस्तान में किलों की सूची
- पाकिस्तान में संग्रहालयों की सूची
- उमरकोट
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Footprints: Once upon a time in Umerkot". 16 January 2015.
- ↑ Ranawat, Asha (2006). Woman's Triumph By Asha Ranawat. pp. 63–64. ISBN 9788178355085.
- ↑ "The Sacking of 'Umarkot". www.infinityfoundation.com. अभिगमन तिथि: 27 August 2015.
- ↑ umerkot fort, sindh, मूल से से 8 जुलाई 2014 को पुरालेखित।, अभिगमन तिथि: 13 June 2012
