उभौली
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| उभौली | |
|---|---|
उभौली मनाते हुए किरात लोग | |
| अन्य नाम | सकेला |
| अनुयायी | किरात लोग |
| प्रकार | किराती उत्सव |
| अनुष्ठान | पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान |
| तिथि | अप्रैल-मई में (बैसाख पूर्णिमा को) |
| आवृत्ति | वार्षिक |

उभौली (शाब्दिक अर्थ : 'उपर की ओर गमन') नेपाल, भारत और विश्व भर के सुनुवार, लिंबू, यक्खा और राय किरात समुदायों का एक त्योहार है। यह वैशाख की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार ग्रीष्म ऋतु के आगमन पर पहाड़ी क्षेत्रों की ओर प्रवास का प्रतीक है। [1] पहाड़ियों से नीचे के क्षेत्रों में प्रवास को 'उधौली' (नीचे की ओर गमन) कहा जाता है, उधौली भी एक त्यौहार है। [2] इस त्योहार के दौरान सकेला नामक नृत्य किया जाता है। [3] [4] उभौली त्योहार के दिन, किरात लोग अच्छी फसल आने और उस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के लिए प्रकृति माता से प्रार्थना करते हैं। [5]
यह भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Rai, Anu (February 2023). "Environment and Culture: Adaptations that have Shaped Nepal" (PDF). Unity Journal. IV: 70–81. डीओआई:10.3126/unityj.v4i01.52231.
- ↑ "Kirants celebrate Ubhauli". The Himalayan Times. 14 May 2009.
- ↑ "Udhauli Festival, December 02". Nepal Travel News. मूल से से 2023-03-20 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2013-05-04.
- ↑ Durga Maya Rai (13 December 2016). "The biggest festival of Kirats". The Kathmandu Post.
- ↑ Milan Adhikari (10 May 2017). "Kirat community observes Ubhauli Sakela fest (In pictures)". The Kathmandu Post.