उपांग

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एक कीटा की टांगे

उपांग (Appendage) किसी प्राणी के शरीर का ऐसा भाग होता है जो शरीर के मुख्य भाग से अलग उगा हुआ हो और शरीर से जुड़ा हुआ हो। आम तौर पर यह शरीर से अलग खिचा हुआ भी प्रतीत हो सकता है। टांगे, भुजाएँ, पूँछ, कीटों के सिरों पर लगे हुए एंटीना, इत्यादि सभी उपांग माने जाते हैं।

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पहचान एवं वर्गीकरण:

तालाब एवं नदियों में पाया जाने वाला यह जन्तु उदरीय भाग से जुड़ा होता है । इसके सिरोवक्ष पर एक कड़ा आवरण होता है एवं टांगों में जोड़ होते हैं ।

इसका वर्गीकरण निम्नानुसार है:

जगत् – जन्तु-जगत् (बहुकोशिकीय, विषमपोषी जन्तु)

संघ – आर्थोपोडा (संधियुक्त टांगे एवं शरीर की त्वचा काइटीनयुक्त)

वर्ग – क्रस्टेशिया (चलन के लिए पाँच जोड़ी टांगे, शरीर सिरोवक्ष एवं उधर में विभक्त)

वंश – पेलीमोन (Palaemon)

टिप्पणी:

(1) झिंगे झरनों, तालाबों, नदियों एवं झीलों में रहते हैं । ये रात्रिचर होते हैं अत: दिन में जलाशयों की तलहटी में छिपे रहते हैं ।

(2) ये सर्वाहारी होते हैं । जल में उपलब्ध सूक्ष्म जीव, शैवाल, कीट, सड़ती हुई वस्तुएँ आदि सभी को अपना आहार बनाते हैं ।

(3) शरीर लम्बा, बेलनाकार एवं उदर के वहां मुड़ा होने से कमा के आकार का दिखता है । शरीर पार्श्व बाजुओं से थोड़ा दबा होता है ।

(4) शरीर के दो मुख्य भाग होते हैं- सिरोवक्ष (cephalothorax) एवं उदर । सिरोवक्ष के ऊपर एक कड़ा आवरण केरापेस (carapace) होता है । केरापेस को उठाकर देखने से दोनों ओर 7 जोड़ी क्लोम (gills) दिखते हैं ।

(5) अग्र सिरे पर दो नेत्र, दो शृंगिका (antennae) एवं अन्य उपांग (appendages) होते हैं । शरीर कुल 19 देहखण्डों में विभक्त होता है । प्रत्येक खण्ड में एक जोड़ी संधियुक्त उपांग (jointed appendage) होता है । सिरोवक्ष में तरह एवं उधर-क्षेत्र में छ: खण्ड होते हैं ।

(6) वक्ष-क्षेत्र के पाँच-जोड़ी उपांग चलने के काम आते हैं । उदर-क्षेत्र के उपांग तैरने के उपयोग में लिए जाते हैं ।

(7) नर एवं मादा झिंगों में लैंगिक द्विरूपता होती है अर्थात् नर एवं मादा को कुछ बाहरी लक्षणों से पहचान सकते हैं । नर की दूसरी जोड़ी की टाँग अपेक्षाकृत बड़ी एवं शक्तिशाली होती है । जनन-काल में मादा की टाँगों के बीच अंडों का समूह देखा जा सकता है। मादा झिंगे में तीसरी जोड़ी की टाँगों के आधार पर एक जोड़ी मादा जनन-छिद्र होते हैं । नर झिंगे में पाँचवीं जोड़ी की टाँगों के आधार पर जनन-छिद्र होते

हैं ।

(8) जलाशयों में इनका व्यापारिक स्तर पर पालन भी होता है । मांसाहारी लोगों के लिए यह मुख्य खाद्य-पदार्थ है । यदि आपकी प्रयोगशाला में झिंगा उपलब्ध न हो तो इसी क्रस्टेशिया समूह के अन्य नमूने केकड़े (वंश-कैन्सर (Cancer)) का अध्ययन कर सकते हैं ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "The Appendages, Anatomy, and Relationships of Trilobites," Percy Edward Raymond, Connecticut Academy of Arts and Sciences, 1920