उत्तर प्रदेश राज्य बनाम राज नारायण

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उत्तर प्रदेश राज्य बनाम राज नारायण (1975 AIR 865, 1975 SCR (3) 333) इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा निर्णीत एक केस था जिसमें भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी कदाचार का दोषी पाया गया था। यह केस सन १९७५ में राजनारायण द्वारा दायर किया गया था जो चुनाव में इंदिरा गांधी से हार गये थे। न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में श्रीमती गांधी की जीत को अवैध करार दिया और उन्हें ६ वर्ष के लिये चुने हुए पद पर आसीन होने से रोक लगा दी। इस निर्नय से भारत में एक राजनीतिक संकट खड़ा हो गया और इन्दिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी जो १९७५ से १९७७ तक रहा।

परिचय[संपादित करें]

1971 में रायबरेली के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने विजय प्राप्त की। उनकी जीत को उनके प्रतिद्वंद्वी राजनरायण ने चुनौती दी। भारतीय राजनीति के इतिहास में इस मुकदमे को 'इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण' के नाम से जाना जाता है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]