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उत्तरी कुकेशियन भाषाएँ

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उत्तरी काकेशियाई भाषाएँ (North Caucasian languages) एक प्रस्तावित भाषा-परिवार है, जिसमें काकेशस क्षेत्र के उत्तर भाग में बोली जाने वाली दो स्थापित भाषा-परिवार शामिल किए जाते हैं। इनमें उत्तर-पश्चिमी काकेशियाई परिवार (जिसे पॉन्टिक, अब्खाज़–अदिघे, सर्कसियन या पश्चिमी काकेशियाई भी कहा जाता है) और उत्तर-पूर्वी काकेशियाई परिवार (जिसे नख–दागेस्तानी, कैस्पियन या पूर्वी काकेशियाई भी कहा जाता है) सम्मिलित हैं। कुल मिलाकर 34 से 38 भिन्न उत्तरी काकेशियाई भाषाएँ पाई जाती हैं।[1]

स्वतंत्र परिवार

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पहले कार्टवेलियन भाषाएँ (जैसे जॉर्जियाई, ज़ान और स्वान) को दक्षिणी काकेशियाई माना जाता था, किंतु अब इन्हें उत्तरी काकेशियाई भाषाओं से असंबद्ध मानकर एक स्वतंत्र भाषा-परिवार के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।[2]

उत्पत्ति का विवाद

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कुछ भाषावैज्ञानिक, विशेषकर सेर्गेई स्तारोस्तिन और सेर्गेई निकोलायेव, का मानना है कि उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी काकेशियाई भाषाएँ लगभग पाँच हज़ार वर्ष ईसा पूर्व किसी साझा पूर्वज से उत्पन्न हुई थीं। हालाँकि यह प्रस्ताव विवादास्पद है और इसे सिद्ध करना कठिन माना जाता है।

स्वचालित विश्लेषण

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म्युलर एवं अन्य (2013) द्वारा स्वचालित संगणकीय विश्लेषण (ASJP 4) में भी उत्तरी काकेशियाई समूह प्रस्तुत किया गया था। किंतु यह स्पष्ट नहीं है कि समानताएँ वास्तव में सांझे वंशानुक्रम की वजह से हैं या केवल शब्दावली उधार का परिणाम हैं।

आंतरिक वर्गीकरण

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जिन भाषावैज्ञानिकों ने उत्तरी काकेशियाई परिकल्पना का समर्थन किया है, उनके अनुसार उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी परिवार के बीच मुख्य विभाजन निर्विवाद है। परंतु उत्तर-पूर्वी परिवार की आंतरिक संरचना को लेकर कोई सर्वमान्य सहमति नहीं बन पाई है।[3]

निकोलायेव और स्तारोस्तिन (1994) के अनुसार वर्गीकरण इस प्रकार है –

  • उत्तरी काकेशियाई
    • अब्खाज़ो–अदिघे (उत्तर-पश्चिमी काकेशियाई)
    • नख–दागेस्तानी (उत्तर-पूर्वी काकेशियाई)
      • नख
      • दागेस्तानी
        • आवार–आंडी–दीदो
        • लाक–दर्गवा
        • लेज़्गिक

प्रमुख समानताएँ

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दोनों परिवारों की ध्वन्यात्मक प्रणालियों में कई समानताएँ पाई जाती हैं। इन भाषाओं में ध्वन्यात्मक जटिलता बहुत अधिक है तथा द्वितीयक उच्चारण का व्यापक प्रयोग होता है। उदाहरणस्वरूप, उब्यख (उत्तर-पश्चिमी) भाषा में 84 व्यंजन पाए जाते हैं, जबकि आर्ची (उत्तर-पूर्वी) में भी असाधारण ध्वनियाँ मिलती हैं।

व्याकरणिक अंतर

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ध्वन्यात्मक समानताओं के बावजूद दोनों परिवारों की व्याकरणिक संरचना भिन्न है। उत्तर-पश्चिमी भाषाओं में संज्ञा-तंत्र अपेक्षाकृत सरल है और सामान्यतः केवल दो या तीन कारक (cases) मिलते हैं। इसके विपरीत, इन भाषाओं की क्रियात्मक संरचना अत्यंत जटिल होती है, जिसमें कर्ता, कर्म, अप्रत्यक्ष कर्म, लाभकारी पद और स्थानीय कार्य—सभी क्रिया के भीतर व्यक्त किए जाते हैं।[4]

  1. ↑ "Search for data in: North Caucasian etymology". starlingdb.org. अभिगमन तिथि: 2025-10-04.
  2. ↑ "North Caucasian languages | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-10-04.
  3. ↑ Today, Hungary (2025-02-12). "Researchers Discover a Missing Link in the Origins of Indo-European Languages". Hungary Today (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-10-04.
  4. ↑ Staff, News (2025-02-05). "Ancient DNA Study Sheds New Light on History of Indo-European Languages | Sci.News". Sci.News: Breaking Science News (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-10-04. {{cite web}}: |first= has generic name (help)