उत्तराखण्ड का स्थापत्य

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उत्तराखण्ड का स्थापत्य भारत के मैदानी भागों की तुलना में भिन्न है और यह उत्तराखण्ड राज्य के पहाडी़ परिवेश के अनुरूप है। इस राज्य के लोगों का जीवन बहुत समय तक महानगरीय भीड़-भाड़ से दूर और प्रकृति के निकट रहा है, जो यहाँ के भवन निर्माण के ढंग और यहाँ की संस्कृति में भी दिखता है।

आधुनिक समय में यहाँ भी भवन निर्माण मैदानी क्षेत्रों के आधार पर होने लगा है लेकिन यहाँ के पुराने बने घरों में यहाँ के स्थापत्य की छाप स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बने घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर की गई नक्काशी और लकडी़ की कामों में यहाँ के विशिष्ट स्थापत्य की झलक दिखती है।

काठ तक्षणकला[संपादित करें]


चित्रकारी[संपादित करें]


भित्ति-चित्र[संपादित करें]


इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]