उत्तरजीवी का अपराधबोध

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उत्तरजीवी का अपराधबोध, या उत्तरजीवी अपराधबोध विकार, किसी उत्तरजीवी का अपराध-बोध विकार है, जिसका दर्दनाक अनुभव किसी दुर्घटना या नरसंहार से जीवित बच गया वो व्यक्ति करता है, जिस दुर्घटना या नरसंहार में अन्य सभी व्यक्तियों की मृत्यु हो गई हो। यह एक ऐसी मानसिक स्थिति है जो तब होती है जब कोई व्यक्ति यह मानने लगता है कि उसने किसी दर्दनाक घटना से बचकर कुछ गलत किया है जो दूसरे व्यक्तियों ने नहीं किया, और अक्सर आत्म-ग्लानि महसूस करता है।

संदर्भ[संपादित करें]