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इब्न बाज्जा

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इब्न बाज्जा (अवेम्पेस)
व्यक्तिगत जानकारी
अन्य नामअवेम्पेस (Avempace)
जन्म1085 (अनुमानित)
ज़ारागोज़ा, अल-अंदलुस
मृत्यु1138 (अनुमानित)
फेज़, मोरक्को
वृत्तिक जानकारी
युगमध्यकालीन दर्शन
क्षेत्रपश्चिमी इस्लामी दर्शन (अल-अंदलुस)
विचार सम्प्रदाय (स्कूल)अरस्तूवाद (Aristotelianism), नव-अफलातूनवाद (Neoplatonism)
मुख्य विचारदर्शनशास्त्र, भौतिकी, खगोल विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, संगीत
प्रमुख विचारतदबीर अल-मुतवहिद (एकांतवासी का नियम), प्रक्षेप्य गति (Projectile motion)
प्रभाव
  • अल-फराबी, अरस्तू
प्रभावित
  • इब्न रुश्द, मूसा बिन मैमुन (Maimonides), गैलीलियो

अबू बक्र मुहम्मद इब्न याह्या इब्न अस-साएग (अरबी: أبو بكر محمد بن يحيى بن الصائغ; मृत्यु 1138), जिन्हें पश्चिमी साहित्य में लैटिन नाम अवेम्पेस (Avempace) या इब्न बाज्जा के नाम से जाना जाता है, अल-अंदलुस (वर्तमान स्पेन) के एक बहु-विषयक विद्वान थे। उन्होंने दर्शनशास्त्र, भौतिकी, खगोल विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, चिकित्सा और संगीत के क्षेत्र में ग्रंथ लिखे।[1]

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

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इब्न बाज्जा का जन्म ज़ारागोज़ा (Zaragoza) में हुआ था। उनके प्रारंभिक जीवन के बारे में ऐतिहासिक दस्तावेज़ सीमित हैं। अल-मोरावविद (Almoravid) शासन के दौरान, उन्होंने ज़ारागोज़ा के गवर्नर के अधीन वज़ीर (मंत्री) के रूप में भी कार्य किया। राजनीतिक अस्थिरता के कारण उन्हें बाद में ज़ारागोज़ा छोड़ना पड़ा और वे सेविले (Seville) और अंततः फेज़ (Fez), मोरक्को चले गए, जहाँ 1138 के आसपास उनकी मृत्यु हो गई।[2]

दार्शनिक विचार

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इब्न बाज्जा को अल-अंदलुस में अरस्तूवादी (Aristotelian) दर्शन को स्थापित करने वाले शुरुआती विचारकों में गिना जाता है। जोसेप पुइग मोंटाडा (Josép Puig Montada) और मौरिस हयून (Maurice Hayoun) के अकादमिक विश्लेषण के अनुसार, उनका सबसे प्रमुख दार्शनिक ग्रंथ तदबीर अल-मुतवहिद (Regimen of the Solitary Man / एकांतवासी का नियम) है।[3][4]

इस ग्रंथ में इब्न बाज्जा ने तर्क दिया है कि यदि समाज बौद्धिक रूप से अपूर्ण या भ्रष्ट है, तो एक दार्शनिक को आत्मिक और बौद्धिक पूर्णता प्राप्त करने के लिए समाज से अलग (Solitary) होकर एकांत में चिंतन करना चाहिए। उनका दर्शन मानव आत्मा और सक्रिय बुद्धि (Active Intellect) के बीच संबंध स्थापित करने पर केंद्रित था।

भौतिकी और गति के नियम

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भौतिकी के क्षेत्र में, इब्न बाज्जा ने अरस्तू के गति के नियमों की आलोचना की और अपने स्वयं के सिद्धांत प्रस्तुत किए, जिनका मध्यकालीन यूरोप पर प्रभाव पड़ा।

  • गति और माध्यम: अरस्तू का मानना था कि किसी वस्तु के गिरने की गति उस माध्यम (जैसे हवा या पानी) के घनत्व पर निर्भर करती है, और निर्वात (Vacuum) में गति अनंत हो जाएगी। इब्न बाज्जा ने इसका खंडन करते हुए तर्क दिया कि माध्यम केवल गति को धीमा करता है (प्रतिरोध पैदा करता है)। उनके अनुसार, वस्तु की गति मूल रूप से प्रेरक बल और माध्यम के प्रतिरोध के बीच का अंतर है (V = P - M)।
  • गैलीलियो पर प्रभाव: अर्नेस्ट ए. मूडी (Ernest A. Moody) और एबेल बी. फ्रेंको (Abel B. Franco) के शोध के अनुसार, इब्न बाज्जा के प्रक्षेप्य गति (Projectile motion) और 'इम्पेटस सिद्धांत' (Impetus theory) के विचार बाद के यूरोपीय वैज्ञानिकों तक पहुंचे। गैलीलियो गैलीली (Galileo Galilei) ने अपने शुरुआती लेखों में पीसा की झुकी हुई मीनार (Leaning Tower experiment) के संदर्भ में 'अवेम्पेस' के सिद्धांतों का उल्लेख और विश्लेषण किया था।[5][6]

खगोल विज्ञान

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एडवर्ड ग्रांट (Edward Grant) और बर्नार्ड आर. गोल्डस्टीन (Bernard R. Goldstein) के ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के अनुसार, इब्न बाज्जा ने टॉलेमी (Ptolemy) के ग्रहीय मॉडल (विशेषकर एपिसाइकिल सिद्धांत) को अस्वीकार कर दिया था। उन्होंने एक ऐसे ब्रह्मांडीय मॉडल का समर्थन किया जो पूरी तरह से अरस्तू के भौतिक सिद्धांतों पर आधारित था, जिसमें ग्रहों की कक्षाएं स्पष्ट रूप से वृत्ताकार थीं।[7][8] इसके अतिरिक्त, उन्होंने शुक्र ग्रह (Venus) के सूर्य के सामने से गुजरने (Transit) का भी अवलोकन किया था।[9]

वनस्पति विज्ञान और संगीत

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  • वनस्पति विज्ञान: फ्रैंक एन. एगर्टन (Frank N. Egerton) के अनुसार, इब्न बाज्जा ने पौधों के शरीर विज्ञान (Plant physiology) और अरबी वनस्पति विज्ञान पर भी लेख लिखे। उनके कार्यों का प्रभाव अल-अंदलुस के बाद के वनस्पतिशास्त्रियों पर पड़ा।[10]
  • संगीत और कविता: डी. एम. डनलप (D. M. Dunlop) के शोध के अनुसार, इब्न बाज्जा ने कविताएं (दीवान) रचीं। इसके अलावा, उन्होंने अरबी संगीत शैली में योगदान दिया, जिसे बाद में अंदलुसियन शास्त्रीय संगीत के रूप में जाना गया।[11]

इब्न बाज्जा के दर्शन और वैज्ञानिक कार्यों ने इब्न रुश्द (Averroes) और इब्न तुफैल (Ibn Tufayl) जैसे बाद के इस्लामी दार्शनिकों को आकार दिया। यहूदी दार्शनिक मूसा बिन मैमुन (Maimonides) के लेखन में भी उनके विचारों का स्पष्ट प्रभाव मिलता है।[12]

विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देते हुए, चंद्रमा पर स्थित एक क्रेटर का नाम उनके सम्मान में 'अवेम्पेस' (Avempace) रखा गया है।[13]

सन्दर्भ

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  1. Montada, Josép Puig। (2022)। "Ibn Bâjja (Avempace)". Stanford Encyclopedia of Philosophy Metaphysics Research Lab, Stanford University।
  2. Montada, Josép Puig। (2018)। “Ibn Bâjja [Avempace]”। The Stanford Encyclopedia of Philosophy
  3. Hayoun, Maurice (1987). "Moses of Narbonne and Ibn Bajja (I): the edition of the Hebrew translation of the Regimen of the Solitary Man (in Hebrew)". Daat. 18: 27–44.
  4. Gracia, Jorge J. E. (2007). "Philosophy in the Middle Ages: An Introduction". A Companion to Philosophy in the Middle Ages. Blackwell Publishing Ltd. pp. 1–11. ISBN 9780470996669.
  5. Moody, Ernest A. (April 1951). "Galileo and Avempace: The Dynamics of the Leaning Tower Experiment (I)". Journal of the History of Ideas. 12 (2): 163–193. डीओआई:10.2307/2707514.
  6. Franco, Abel B. (October 2003). "Avempace, Projectile Motion, and Impetus Theory". Journal of the History of Ideas. 64 (4): 521–546. डीओआई:10.1353/jhi.2004.0004.
  7. Grant, Edward (1996). Planets, Stars, and Orbs: The Medieval Cosmos, 1200-1687. CUP Archive. ISBN 9780521565097.
  8. Goldstein, Bernard R. (March 1972). "Theory and Observation in Medieval Astronomy". Isis. 63 (1): 39–47.
  9. Ansari, S. M. Razaullah (2002). History of oriental astronomy. Springer. p. 137. ISBN 978-1-4020-0657-9.
  10. Egerton, Frank N. (2012). "History of Ecological Sciences, Part 43: Plant Physiology, 1800s". Bulletin of the Ecological Society of America. 93 (3): 197–219. डीओआई:10.1890/0012-9623-93.3.197.
  11. Dunlop, D. M. (1952). "The Dīwān Attributed to Ibn Bājjah (Avempace)". Bulletin of the School of Oriental and African Studies. 14 (3): 463–477.
  12. Rescher, Nicholas (June 1964). "Moses Maimonides: The Guide of the Perplexed, Translated with an Introduction and Notes by Schlomo Pines". Dialogue. 3 (1): 97–98. डीओआई:10.1017/s001221730002970x.
  13. Cocks, Elijah E. (1995). Who's who on the moon : a biographical dictionary of lunar nomenclature. Tudor Publishers. ISBN 978-0936389271.

विस्तृत पठन

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बाहरी कड़ियाँ

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