इन्द्रवर्मन द्वितीय

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इन्द्रवर्मन् द्वितीय
राजा
शासनावधिखमेर साम्राज्य
पूर्ववर्तीजयवर्मन सप्तम्
उत्तरवर्तीजयवर्मन अष्टम्
निधन१२४३

इंद्रवर्मन द्वितीय (खमेर: ឥន្ទ្រ វរ្ម័ន ទី ២ ) खमेर साम्राज्य का शासक था। वे जयवर्मन सप्तम के पुत्र थे। [1]उनके वास्तविक शासनकाल अवधि के बारे में कुछ विवाद है क्योकि उनके उत्तराधिकारी जयवर्मन आठवें ने शायद उनके ऐतिहासिक रिकॉर्ड को नष्ट किया था लेकिन एकमात्र शिलालेख जो सीधे उसका उल्लेख करती है कि उनकी मृत्यु सन् १२४३ इस्वी में हुईं थीं[2]:181 [3] । वह एक बौद्ध थे और उन्हें जयवर्मन सातवीं द्वारा बनाए गए मंदिर के कुछ विस्तार (या पूर्ण) करने का भी श्रेय दिया गया था। अपने शांतिपूर्ण साम्राज्य के दौरान, खमेरों ने चंपा पर नियंत्रण खो दिया और इंद्रादित्य के तहत नवजात सुखोथाई साम्राज्य ने कुछ पश्चिमी क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया। डेविड पी चांडलर ने अनुमान लगाया कि इंद्रवर्मन द्वितीय संभवतः खमेर किंवदंतियों के कोढी़ राजा थे।

संदर्भओ[संपादित करें]

  1. Higham, C., 2001, The Civilization of Angkor, London: Weidenfeld & Nicolson,
  2. Coedès, George (1968). Walter F. Vella (संपा॰). The Indianized States of Southeast Asia. trans.Susan Brown Cowing. University of Hawaii Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8248-0368-1.
  3. Recently a new Sanskrit inscription was discovered, which could possibly change this dating http://www.autoriteapsara.org/en/apsara/about_apsara/news/icc_meeting5-7jun2006.html[मृत कड़ियाँ]
  • डेविड पी. चांडलर: एक इतिहास के कंबोडिया. वेस्टविऊ प्रेस, 2007. ISBN 0-8133-4363-10-8133-4363-1.
  • मार्सटोन, जॉन. गुथरी, एलिजाबेथ. इतिहास, बौद्ध धर्म, और नए धार्मिक आंदोलनों में कंबोडिया. विश्वविद्यालय के हवाई ' i दबाएँ. ISBN 0-8248-2868-20-8248-2868-2.

बाहरी लिंक[संपादित करें]

Regnal खिताब
 पुर्वसुरी

जयवर्मन सप्तम
खमेर के राजा

सी.१२१८-१२४३
 उत्तराधिकारी

जयवर्मन आठवीं