इटहरा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
इटहरा
Itahara Uparwar
इटहरा
गाँव
देशFlag of India.svg भारत
राज्यउत्तर प्रदेश
जिलासंत रविदास नगर
शासन
 • प्रधानडा. अजीत सिह (मालगुजार)
जनसंख्या (2001)
 • कुल3,192
Languages
 • OfficialHindi
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
PIN221309
Telephone code05414
वाहन पंजीकरणUP-66
Sex ratio52:48 /

इटहरा एक गाँव है और ये उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर जिला के डीघ मंडल में स्थित है यह जिला मुख्यालय से करीब ३५ किलोमीटर दूर है, ये गाँव गंगा नदी से तीनो दिशाओं से घिरी हुई है। प्रसिद्ध मंदिर बाबा गंगेश्वरनाथ धाम इसी गाँव में है। ये गाँव बहुत ही विकसित गाँव था। कोनिया क्षेत्र में मात्र इसी गाँव में बाजार हुआ करता था, कोनिया क्षेत्र के लोग यही से खरीदारी करते थे। इसे आज भी सरकारी तौर पर ग्रामीण बाजार का दर्जा प्राप्त है। धीरे धीरे गाँव की जनसँख्या में वृद्धि हुई और लोग रोजगार की तलाश में बाहर जाने लगे जैसे मुंबई, दिल्ली, कोलकाता,सूरत और बचे हुए लोग भी गाँव की पुरानी बस्ती से बाहर अपना घर बनाने लगे जिससे इस गाँव का दायरा लगभग ३ किलोमीटर से ज्यादा हो गया। आज ये गाँव ३ किलोमीटर के दायरे से ज्यादा में बसा हुआ है। इस गाँव में सबसे बड़ी संख्या में बिसेन राजपूत है क्योंकि ये गाँव इन्ही के द्वारा बसाया गया था। उसके बाद बड़ी संख्या में क्रमश : ब्राह्मण, पासी, चमार,यादव मौजूद है। कायस्थ, बनिया, नाई, कुम्हार, कहार, मुसलमान, पुष्पाकर (माली), चौरसिया (बरई),धोबी, तेली (गुप्ता),मुसहर जाति ये जातियां भी इस गाँव में मौजूद है। सामाजिक तौर पर ये गाँव आज भी काफी विकसित है। इस गाँव में एक इंटर कॉलेज और एक महिला महाविद्यालय भी है।

"गंग सकल मुद मंगल मुला।
गाँव इटहरा सुर सरि तिरा।।"

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

भारत की 2001 जनगणना अनुसार, इटहरा की आबादी 3192 थी। जिसमे पुरुषों की संख्या 48% (1537) और महिलाओं की संख्या 52% (1655) थी।

इतिहास[संपादित करें]

पहले यह गाँव भर राजाओं के कब्जे में था, फिर मौनस राजपूतो द्वारा इस पर कब्ज़ा कर लिया गया उसके बाद इस गाँव में बिसेन राजपूत आये। पुरानी बस्ती में स्थित कोटिया (टिला) पर आज भी भरो के रहने के अवशेष मिलते हैं। जिसमे बड़े बड़े कोल्हू पुराने खपरैल के टुकड़े प्रमुख है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8086695.html