इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार

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इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार राजभाषा नीति के कार्यान्वयन और हिंदी के प्रयोग को आगे बढ़ाने में उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। वर्ष 1986-87 में यह पुरस्कार योजना आरंभ की गई थी। इसके अंतर्गत प्रत्येक वर्ष विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों व शहर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को राजभाषा नीति के अनुपालन में उपलब्धियों के लिए पुरस्कार दिए जाते हैं। साथ ही केंद सरकार, बैंक, वित्तीय संस्थानों, विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय सरकार के स्वायत्त निकायों को हिंदी में मूल पुस्तकें लिखने वाले कार्यरत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नकद पुरस्कार दिए जाते हैं।

अन्य पुरस्कार[संपादित करें]

आधुनिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी व समकालीन विषयों के ज्ञान-विज्ञान पर मूल पुस्तक लेखन के लिए ‘राजीव गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार योजना‘ भी चलाई जाती है। इस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक भाग ले सकता है। क्षेत्रीय स्तर पर ‘क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार‘ चलाए जाते हैं। ये पुरस्कार राजभाषा नीति के कार्यान्वयन और हिंदी के प्रयोग को आगे बढ़ाने में उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। इसके लिए क्षेत्रीय/अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, शहर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों, बैंक व केंद्र सरकार के वित्तीय संस्थानों को पुरस्कार दिए जाते हैं।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]