आम्रपाली (आम)
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आम्रपाली किस्म का विकास भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली द्वारा किया गया। इस जाति के पौधे बौने होते हैं।[1] इस किस्म के फलों में कैरोटीन की मात्रा अधिक पायी जाती है। यह किस्म सघन बागवानी के लिए अच्छी होती है। इसके 1600 पौधे प्रति हेक्टेयर तक लगाये जाते हैं।


सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Chaurasia, Shishir (18 July 2020). "Mango variety better than Amrapali: आम्रपाली से भी बेहतर आम की किस्म". Navbharat Times. अभिगमन तिथि: 21 September 2024.