आभानेरी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

यह गांव राजस्थान के दौसा जिले की बांदीकुई तहसील से 7 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है। गूगल मैप में इसके अक्षांश और रेखांश (देशांतर) 27.0079651, 76.6056198 हैं।

चाँद बावड़ी यहां पर स्थित है। हर्षद माता का मंदिर भी स्थापित है। यहां प्रसिद्ध वेधशाला निर्माणकर्ता पंडित कल्याणदत्तशर्मा का जन्म हुआ। यह चाँद बावडी । १५ मीटर गेहरा है। इसमे कुल ७०० सिडियाँ है ।
<gallery>

  हर्षद माता का मंदिर ।राजस्थान के दौसा जिले में आभानेरी गांव अपनी ऐतिहासिकता के कारण विश्व विख्यात है। यहां स्थित चांद बावड़ी अपनी अनूठी स्थापत्य शैली में निर्माण के लिए जानी जाती है। पास ही स्थित है हर्षत माता का प्राचीन मन्दिर। वैसे तो यह मां दुर्गा को समर्पित है लेकिन, इसे खुशी और उल्लास का मन्दिर भी कहा जाता है। मन्दिर का निर्माण चौहान वंशीय राजा चांद ने आठवीं-नवीं सदी में कराया था। आभानेरी का असली नाम आभा नगरी था। इस नगर के संस्थापक राजा चांद का मानना था कि उनके नगर में खुशी और उल्लास दुर्गा माता की देन है। इसलिए उन्होंने माता दुर्गा को समर्पित यह भव्य मन्दिर बनवाया। 

मन्दिर के निर्माण में काम में लिए पत्थरों पर शानदार नक्काशी की गई। पत्थरों की इंटरलाॅकिंग कर इसका निर्माण हुआ है। यहां की भव्यता देखकर यह कहना अतिश्योक्ति नहीं कि यहां हर पत्थर बोलता है। यह मन्दिर द्रविड़ शैली में बना हुआ है लेकिन, इसका मूल स्वरूप वैसा नहीं था जो आज है। इस भव्य मन्दिर को शासक महमूद गजनवी ने तहस-नहस कर दिया था। इस दौरान मूर्तियों को खंडित कर दिया गया। बाद में स्थानीय लोगों ने पत्थरों को पुनः जोड़कर इसका निर्माण कराया।