आदिवासी साहित्‍य

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अंगूठाकार|पत्रिका का आवरण साँचा:पत्रिकाआदिवासी साहित्‍य दिल्‍ली से प्रकाशित होने वाली आदिवासी लेखन की पहली राष्‍ट्रीय पत्रिका है जिसके संपादक गंगा सहाय मीणा हैं। [1] यह पत्रिका जनवरी 2015 से प्रकाशित होना शुरू हुई। पत्रिका की संपादकीय टीम में देशभर के सभी प्रमुख आदिवासी साहित्‍यकार शामिल हैं, जिनमें प्रमुख नाम हैं- वाहरू सोनवणे, मोतीरावण कंगाली, रोज केरकेट्टा, तेमसुला आओ, वाल्‍टर भेंगरा 'तरुण', वंदना टेटे, शांति खलखो, अनुज लुगुन आदि। सौ पृष्‍ठों की यह त्रैमासिक पत्रिका निम्‍न स्‍तंभों में बँटी हुई है- कहन-गायन, मुंहामुंही, दर्शन-वैचारिकी, रंग-रोगन, देस-दिसुम, सकम और अखड़ा। पत्रिका ने बहुत जल्‍द ही हिंदी जगत में अपनी विशिष्‍ट पहचान बना ली.[2]

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पत्रिका का आधिकारिक जालस्‍थल

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 27 मई 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 मई 2015.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 27 मई 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 मई 2015.