आकस्मिक निधि (कोष)

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

इसका उल्लेख अनुच्छेद- 267 में किया गया है। यह निधि राष्ट्रपति या कार्यपालिका या सरकार के अधीन होती है अर्थात इस निधि से पैसा निकालने के लिए संसद की इजाजत की जरूरत नहीं होती है लेकिन इस निधि का गठन संसद ही करती है अर्थात संसद ही तय करती है कि इस विधि में कितना पैसा होगा।

इस कोष का निर्माण इसलिए किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर आकस्मिक खर्चों के लिए संसद की स्वीकृति के बिना भी राशि निकाली जा सके।

● अनुच्छेद 266 के संचित निधि और लोक लेखा निधि के अनुसार सरकार को मिलने वाले सभी राजस्व (जैसे, सीमाशुल्क स्टाम्प पंचाट, उत्पाद शुल्क आयकर आदि)और सरकार के द्वारा दिए गए ऋणों की वसूली से जो धन प्राप्त होता है, वे जमा किए जाते हैं संसद की स्वीकृति के बाद सरकार अपने सभी खर्चों का वाहन इसी निधि से करती है।