अल्बर्ट आइंस्टीन

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अल्बर्ट आइंस्टीन
Albert Einstein

१९२१ में आइंस्टीन
जन्म 14 मार्च 1879
उल्म, वुर्ट्टनबर्ग, जर्मन साम्राज्य
मृत्यु 18 अप्रैल 1955(1955-04-18) (उम्र 76)
प्रिंस्टन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य
आवास जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया (वर्तमान चेक गणराज्य), बेल्जियम, संयुक्त राज्य
नागरिकता
जातियता यहूदी
क्षेत्र भौतिकी, दर्शन
संस्थान
शिक्षा
डॉक्टरी सलाहकार अल्फ़्रेड क्लेनर
अन्य अकादमी सलाहकार हेनरिक फ्रेडरिक वेबर
उल्लेखनीय शिष्य
प्रसिद्धि
उल्लेखनीय सम्मान

अल्बर्ट आइंस्टीन (जर्मन : Albert Einstein; १४ मार्च १८७९ - १८ अप्रैल १९५५) एक सैद्धांतिक भौतिकविद् थे। वे सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E = mc2 के लिए जाने जाते हैं। उन्हें सैद्धांतिक भौतिकी, खासकर प्रकाश-विद्युत ऊत्सर्जन की खोज के लिए १९२१ में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। आइंसटाइन ने सापेक्षता के विशेष और सामान्य सिद्धांत सहित कई योगदान दिए। उनके अन्य योगदानों में- सापेक्ष ब्रह्मांड, केशिकीय गति, क्रांतिक उपच्छाया, सांख्यिक मैकेनिक्स की समस्याऍ, अणुओं का ब्राउनियन गति, अणुओं की उत्परिवर्त्तन संभाव्यता, एक अणु वाले गैस का क्वांटम सिद्धांतम, कम विकिरण घनत्व वाले प्रकाश के ऊष्मीय गुण, विकिरण के सिद्धांत, एकीकृत क्षेत्र सिद्धांत और भौतिकी का ज्यामितीकरण शामिल है। आइंस्टीन ने पचास से अधिक शोध-पत्र और विज्ञान से अलग किताबें लिखीं। १९९९ में टाइम पत्रिका ने शताब्दी-पुरूष घोषित किया। एक सर्वेक्षण के अनुसार वे सार्वकालिक महानतम वैज्ञानिक माने गए।

आइंस्टीन ने 300 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्रों का प्रकाशन किया। 5 दिसंबर 2014 को विश्वविद्यालयों और अभिलेखागारो ने आइंस्टीन के 30,000 से अधिक अद्वितीय दस्तावेज एवं पत्र की प्रदर्शन की घोषणा की हैं। आइंस्टीन के बौद्धिक उपलब्धियों और अपूर्वता ने "आइंस्टीन" शब्द को "बुद्धिमान" का पर्याय बना दिया है।[2]

जीवनी[संपादित करें]

बचपन और शिक्षा[संपादित करें]

अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म जर्मनी में वुटेमबर्ग के एक यहूदी परिवार में हुआ। उनके पिता एक इंजीनियर और सेल्समैन थे। उनकी मां पौलीन आइंस्टीन थी। हालाँकि आइंस्टीन को शुरू-शुरू में बोलने में कठिनाई होती थी, लेकिन वे पढाई में अव्वल थे। उनकी मातृभाषा जर्मन थी और बाद में उन्होंने इटालियन और अंग्रेजी सीखी। १८८० मे उनका परिवार म्यूनिख शहर चला गया जहां उनके पिता और चाचा ने Elektrotechnische Fabrik J. Einstein & Cie नामक कम्पनी खोली। ये कम्पनी बिजली के उपकरण बनाती थी और इसने म्यूनिख के Oktoberfest मेले में पहली बार रोशनी का इन्तजाम भी किया था। उनका परिवार यहूदी धार्मिक परम्पराओं को नहीं मानता था और आइंस्टीन कैथोलिक विद्यालय में पढने गये। अपनी माँ के कहने पर उन्होंने सारन्गी बजाना सीखा। उन्हें ये पसन्द नहीं था और बाद मे इसे छोड़ भी दिया, लेकिन बाद मे उन्हे मोजार्ट के सारन्गी संगीत मे बहुत आनन्द आता था।

1893 में अल्बर्ट आइंस्टीन (आयु १४ वर्ष)

हर्मन आइंस्टीन के बेटे पांच से दस साल की उम्र तक एक कैथोलिक प्राथमिक स्कूल में पढ़े| हालाँकि आइंस्टीन ने कठिनाई से बोलना सीखा फिर भी वे प्राथमिक स्कूल में एक अव्वल छात्र थे।आइंस्टीन ने मज़े के लिए मॉडल और यांत्रिक उपकरणों का निर्माण किया और गणित में प्रतिभा दिखना भी शुरू किया। 1889 मैक्स तल्मूड ने दस वर्षीय आइंस्टीन को विज्ञान के महत्वपूर्ण ग्रंथों से वाकिफ़ कराया। तल्मूड एक गरीब यहूदी मेडिकल छात्र थे। यहूदी समुदाय ने तल्मूड को छह साल के लिए प्रत्येक गुरुवार को आइंस्टीन के साथ भोजन करने की व्यवस्था की। इस समय के दौरान तल्मूड पूरे दिल से कई धर्मनिरपेक्ष शैक्षिक हितों के माध्यम से आइंस्टीन निर्देशित करते थे।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

नागरिक अधिकारों के समर्थक[संपादित करें]

आइंस्टीन एक भावुक, प्रतिबद्ध जातिवाद विरोधी थे, और प्रिंसटन में नेशनल एसोसिएशन ऑफ द एडवांसमेंट ऑफ कलर्ड पीपल (एनएएसीपी) संस्था के सदस्य भी थे, जहां उन्होंने अफ्रीकी अमेरिकियों के नागरिक अधिकारों के लिए अभियान में हिस्सा भी लिया। वे जातिवाद को अमेरिका की "सबसे खराब बीमारी" मानते थे,[3] अपनी भागीदारी के समय, वे नागरिक अधिकार कार्यकर्ता डब्ल्यू ई.बी. डु बोइस के साथ जुड़ा गए, और 1951 में उनके एक मुकदमे के दौरान उनकी ओर से गवाही देने के लिए तैयार हो गए।[4] जब आइंस्टीन ने डू बोइस के चरित्र के लिए गवाह होने की पेशकश की, तो न्यायाधीश ने मुकदमे को ख़ारिज करने का फैसला किया।

1947 में आइंस्टीन

1946 में आइंस्टीन ने पेनसिलवेनिया में लिंकन विश्वविद्यालय का दौरा किया, जोकि एक ऐतिहासिक अश्वेत महाविद्यालय था, वहाँ उन्हें एक मानद उपाधि से सम्मानित किया गया (जो की अफ्रीकी अमेरिकियों को कॉलेज की डिग्री देने के लिए संयुक्त राज्य का पहला विश्वविद्यालय था)। आइंस्टीन ने अमेरिका में नस्लवाद के बारे में भाषण दिया, उनका कहना था, "मेरा इसके बारे में चुप रहने का कोई इरादा नहीं हैं।"[5] प्रिंसटन के एक निवासी याद करते हैं कि आइंस्टीन ने कभी काले छात्रों के लिए कॉलेज की शिक्षा शुल्क का भुगतान भी किया था।[6]

ज़िओनिसवादी कारणों की सहायता करना[संपादित करें]

वैज्ञानिक कार्यकाल[संपादित करें]

अपने पूरे जीवनकाल में, आइंस्टीन ने सैकड़ों किताबें और लेख प्रकाशित किये। उन्होंने 300 से अधिक वैज्ञानिक और 150 गैर-वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रकाशित किये। 1965 के अपने व्याख्यान में , ओप्पेन्हेइमर ने उल्लेख किया कि आइंस्टीन के प्रारंभिक लेखन में कई त्रुटियों होती थी जिसके कारण उनके प्रकाशन में लगभग दस वर्षों की देरी हो चुकी थी: " एक आदमी जिसका त्रुटियों को ही सही करने में एक लंबा समय लगे, कितना महान होगा"।[7] वे खुद के काम के अलावा दूसरे वैज्ञानिकों के साथ भी सहयोग करते थे, जिनमे बोस आइंस्टीन के आँकड़े, आइंस्टीन रेफ्रिजरेटर और अन्य कई आदि शामिल हैं।.[8]

1905–अनुस मिराबिलिस पेपर्स[संपादित करें]

अनुस मिराबिलिस पेपर्स चार लेखों से संबंधित हैं जिसे आइंस्टीन ने 1905 को ऑनलन डेर फिजिक नाम की एक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित किया था, जिनमे प्रकाशविद्युत प्रभाव (जिसने क्वांटम सिद्धांत को जन्म दिया) , ब्राउनियन गति, विशेष सापेक्षतावाद, और E = mc2 शामिल थे। इन चार लेखों ने आधुनिक भौतिकी की नींव के लिए काफी योगदान दिया है और अंतरिक्ष, समय तथा द्रव्य पर लोगो की सोच को बदला है। ये चार कागजात हैं:

शीर्षक (अनुवादित) ध्यान क्षेत्र स्वीकृत प्रकाशित महत्व
एक अनुमानी दृष्टिकोण उत्पादन और प्रकाश के परिवर्तन के संबंध पर प्रकाशविद्युत प्रभाव 18 मार्च 9 जून एक सुझाव की, ऊर्जा का केवल असतत मात्रा में आदान-प्रदान किया जाता है। जिसने एक अनसुलझी पहेली का हल निकल दिया।.[9] यह विचार आगे चल कर क्वांटम सिद्धांत के प्रारंभिक विकास के लिए निर्णायक बना।[10]
एक स्थिर तरल में निलंबित छोटे कणों की गति पर, गर्मी की आण्विक काइनेटिक थ्योरी के लिए आवश्यक ब्राउनियन गति 11 मई 18 जुलाई परमाणु सिद्धांत के लिए एक प्रयोगसिद्ध साक्ष्य को समझाया, सांख्यिकीय भौतिकी के संप्रयोग का समर्थन।
आगे बढ़ते कणों के बिजली के गतिविज्ञान (इलेक्ट्रोडाइनैमिक्स) पर विशेष सापेक्षता 30 जून 26 सितंबर बिजली और चुंबकत्व के लिए मैक्सवेल का समीकरण और यांत्रिकी के सिद्धांत , प्रकाश की गति के करीब यांत्रिकी में बड़े बदलाव के बाद, में सामंजस्य,.[11] एक और अवधारणा "लुमिनिफेरस ईथर" को अविश्वास करना।[12]
क्या एक शरीर की जड़ता अपनी ऊर्जा सामग्री पर निर्भर करती है? द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता 27 सितंबर 21 नवंबर पदार्थ और ऊर्जा की समतुल्यता, = एमसी2 (और प्रकाश के झुकाव हेतु गुरुत्वाकर्षण की क्षमता के निहितार्थ के द्वारा ), "बाकी ऊर्जा" का अस्तित्व, और परमाणु ऊर्जा के आधार पर।

ऊष्मागतिकी अस्थिरता और सांख्यिकीय भौतिकी[संपादित करें]

सन 1900 में ऑनालेन डेर फिजिक को प्रस्तुत, आइंस्टीन के पहला शोध-पत्र "केशिका आकर्षण" पर था।[13] यह 1901 में " "केशिकत्व घटना से निष्कर्ष" शीर्षक के साथ प्रकाशित किया गया। 1902-1903 में प्रकाशित दो पत्रों (ऊष्मा गतिकी पर) में परमाणुवीय घटना की व्याख्या, सांख्यिकीय के माध्यम से करने का प्रयास किया। यही पत्र, 1905 के ब्राउनियन गति पर शोध-पत्र के लिए नींव बने, जिसमें पता चला कि अणुओ की उपस्थिति हेतु ब्राउनियन गति को ठोस सबूत की तरह उपयोग किया जा सकता है। 1903 और 1904 में उनका शोध मुख्य रूप से, प्रसार घटना पर परिमित परमाणु आकार का असर पर संबंधित रहे।

सामान्य सिद्धांत[संपादित करें]

उन्होंने सापेक्षता के सिद्धांत को व्यक्त किया। जो कि हरमन मिन्कोव्स्की के अनुसार अंतरिक्ष से अंतरिक्ष-समय के बीच बारी-बारी से परिवर्तनहीनता के सामान्यीकरण के लिए जाना जाता है। अन्य सिद्धांत जो आइंस्टीन द्वारा बनाये गए और बाद में सही साबित हुए, में समानता के सिद्धांत और क्वांटम संख्या के समोष्ण सामान्यीकरण के सिद्धांत शामिल थे।

सापेक्षता के सिद्धांत और E=mc²[संपादित करें]

आइंस्टीन के "चलित निकायों के बिजली का गतिविज्ञान पर" शोध-पत्र 30 जून 1905 को पूर्ण हुआ और उसी वर्ष की 26 सितंबर को प्रकाशित हुआ। यह बिजली और चुंबकत्व के मैक्सवेल के समीकरण और यांत्रिकी के सिद्धान्त, प्रकाश की गति के करीब यांत्रिकी में बड़े बदलाव के बाद, के बीच सामंजस्य निश्चित करता हैं। यही बाद में आइंस्टीन के सापेक्षता के विशेष सिद्धांत के रूप में जाना गया।

जिसका निष्कर्ष निकल की, समय- अंतरिक्ष ढाँचे में गतिशील पदार्थ, धीमा और संकुचित (गति की दिशा में) नजर आता हैं, जब इसे पर्यवेक्षक के ढाँचे में मापा जाता है। इस शोध-पत्र में यह भी तर्क दिया कि लुमिनिफेरस ईथर(उस समय पर भौतिक विज्ञान में सबसे अग्रणी सिद्धान्त) का विचार ज़रूरत से ज़्यादा था।

द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता के अपने शोध-पत्र में, आइंस्टीन ने विशेष सापेक्षता समीकरणों से E=mc² को निर्मित किया। 1905 से आइंस्टीन का सापेक्षता में शोध कई वर्षों तक विवादास्पद बना रहा, हलाकि इसे कई अग्रणी भौतिकविदों जैसे की मैक्स प्लैंक द्वारा स्वीकारा भी गया।[14]

फोटोन और ऊर्जा क्वांटा[संपादित करें]

प्रकाशविद्युत प्रभाव। बाईं तरफ से आती फोटॉनों, एक धातु की थाली (नीचे) से टकराती हुई, और इलेक्ट्रॉनों (दाईं ओर जाती हुई) को बाहर फेकती हुई।

1905 के एक पत्र में, आइंस्टीन बताया की कि प्रकाश स्वतः ही स्थानीय कणों (क्वांटा) के बने होते हैं। आइंस्टीन के प्रकाश क्वांटा परिकल्पना को मैक्स प्लैंक और नील्स बोर सहित लगभग सभी भौतिकविदों, ने अस्वीकार कर दिया। रॉबर्ट मिल्लिकन की प्रकाशविद्युत प्रभाव पर विस्तृत प्रयोग, तथा कॉम्पटन बिखरने की माप के साथ, यह परिकल्पना सार्वभौमिक रूप से 1919 में स्वीकार कर लिया गया।

आइंस्टीन ने यह निष्कर्ष निकाला है कि आवृत्ति (f) की प्रत्येक लहर, ऊर्जा(hf) के प्रत्येक फोटॉनों के संग्रह के साथ जुड़ा होता है (जहाँ h प्लैंक स्थिरांक है)। उन्होंने इस बारे में और अधिक नहीं बताया, क्योंकि वे आश्वस्त नहीं थे की कैसे कण, लहरो से सम्बंधित हैं। लेकिन उन्होंने सुझाव दिया की है,कि इस परिकल्पना को कुछ प्रयोगात्मक परिणामों द्वारा समझाया जा सकता हैं जिसे ही बाद में विशेष रूप से प्रकाशविद्युत प्रभाव कहा गया।

क्वान्टाइज़्ड परमाणु कंपन[संपादित करें]

1907 में, आइंस्टीन ने एक मॉडल प्रस्तावित किया, की प्रत्येक परमाणु, एक जाली संरचना में स्वतंत्र अनुरूप रूप से दोलन करता है। आइंस्टीन मॉडल में, प्रत्येक परमाणु स्वतंत्र रूप से दोलन करता है आइंस्टीन को पता था कि वास्तविक दोलनों की आवृत्ति अलग होती हैं लेकिन फिर भी इस सिद्धांत का प्रस्तावित किया, क्योंकि यह एक स्पष्ट प्रदर्शन था कि कैसे क्वांटम यांत्रिकी, पारम्परिक यांत्रिकी में विशिष्ट गर्मी की समस्या को हल कर सकता हैं। पीटर डीबाई ने इस मॉडल को परिष्कृत किया।[15]

स्थिरोष्म सिद्धांत और चाल-कोण चर[संपादित करें]

1910 के दशक के दौरान, अलग-अलग प्रणालियों को क्वांटम यांत्रिकी के दायरे में लाने के लिए इसका विस्तार हुआ। अर्नेस्ट रदरफोर्ड के नाभिक की खोज, और यह प्रस्ताव के बाद कि इलेक्ट्रॉन, ग्रहों की तरह कक्षा में घूमते हैं, नील्स बोह्र यह दिखाने में सक्षम हुए की प्लैंक द्वारा शुरू और आइंस्टीन द्वारा विकसित क्वांटम यांत्रिक के द्वारा तत्वों के परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की असतत गति और तत्वों की आवर्त सारणी को समझाया जा सकता हैं।

1898 के विल्हेम वियेना के तर्क को इसके साथ जोड़ कर आइंस्टीन ने इसके विकास में योगदान दिया। वियेना ने यह दिखाया कि, एक थर्मल संतुलन अवस्था के स्थिरोष्म परिवर्तनहीनता की परिकल्पना से अलग-अलग तापमान पर सभी काले घुमाव को एक सरल स्थानांतरण प्रक्रिया के द्वारा एक दूसरे से व्युत्पन्न किया जा सकता है। 1911 में आइंस्टीन ने यह पाया की वही समोष्ण सिद्धांत यह दिखाता हैं की मात्रा जो किसी भी यांत्रिक गति में प्रमात्रण है को एक स्थिरोष्म अपरिवर्तनीय होना चाहिए। अर्नाल्ड समरफील्ड ने समोष्ण अपरिवर्तनीय को पारंपरिक यांत्रिकी में गतिशील चर के रूप में पहचान की।

लहर-कण द्वैतवाद[संपादित करें]

गैर-वैज्ञानिक विरासत[संपादित करें]

यात्रा करते समय, आइंस्टीन ने अपनी पत्नी एल्सा तथा दत्तक पुत्री कदमूनी मार्गोट और इल्से के लिए पत्र लिखा करते थे। ये पत्र, द हिब्रू यूनिवर्सिटी में देखे जा सकते हैं। मार्गोट आइंस्टीन ने इन निजी पत्रों को जनता के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी थी, लेकिन साथ ही यह अनुरोध किया कि उसकी मृत्यु के बीस साल बाद तक ऐसा नहीं किया जाये (उनकी मृत्यु 1986 में हो गई)।[16]) आइंस्टीन ने ठठेरे (प्लम्बर) के पेशे में अपनी रुचि व्यक्त की थी और उन्हें प्लंबर और स्टीमफिटर्स यूनियन का एक मानद सदस्य बनाया गया था।[17][18] हिब्रू यूनिवर्सिटी के अल्बर्ट आइंस्टीन अभिलेखागार की बारबरा वोल्फ ने बीबीसी को बताया कि 1912 और 1955 के बीच लिखे निजी पत्राचार के लगभग 3500 पत्र हैं।[19]

रोचक तथ्य[संपादित करें]

द्वितीय विश्व युद्ध से पहले की अवधि में, न्यू यॉर्कर ने अपने एक "टॉक ऑफ द टाउन" कॉलम में एक संक्षिप्त विवरण प्रकाशित किया की आइंस्टाइन को अमेरिका में इतनी अच्छी तरह से जाना जाता था कि लोग उन्हें सड़क पर रोक कर उनके दिए सिद्धांत की व्याख्या पूछने लगते हैं। आखिरकार उन्होंने इस निरंतर पूछताछ से बचने का एक तरीका निकाला। वे उनसे कहते की "माफ कीजिये! मुझे लोग अक्सर प्रोफेसर आइंस्टीन समझते हैं पर वो मैं नहीं हूँ।"[20] आइंस्टीन कई उपन्यास, फिल्मों, नाटकों और संगीत का विषय या प्रेरणा रहे हैं।[21] वह "पागल" वैज्ञानिकों" या अन्यमनस्क प्रोफेसरों के चित्रण के लिए एक पसंदीदा चरित्र थे; उनकी अर्थपूर्ण चेहरा और विशिष्ट केशविन्यास शैली का व्यापक रूप से नकल किया जाता रहा है। टाइम मैगजीन के फ्रेडरिक गोल्डन ने एक बार लिखा था कि आइंस्टीन "एक कार्टूनिस्ट का सपना सच होने" जैसे थे।[22]

पुरस्कार और सम्मान[संपादित करें]

आइंस्टीन ने कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए और 1922 में उन्हें भौतिकी में "सैद्धांतिक भौतिकी के लिए अपनी सेवाओं, और विशेषकर फोटोईक्लेक्ट्रिक प्रभाव के कानून की खोज के लिए" नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1921 में कोई भी नामांकन अल्फ्रेड नोबेल द्वारा निर्धारित मापदंडो में खरा नहीं उतर, तो 1921 का पुरस्कार आगे बढ़ा 1922 में आइंस्टीन को इससे सम्मानित किया गया।[23]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Mohammad Raziuddin Siddiqui". Ias.ac.in. 2 जनवरी 1998. Archived from the original on 1 जून 2004. http://web.archive.org/web/20040601194117/http://www.ias.ac.in/currsci/apr25/articles32.htm. अभिगमन तिथि: 3 अप्रैल 2011. 
  2. "जिन्हें अल्बर्ट आइंस्टीन मानते थे मैथ्स का जीनियस". http://www.bbc.com/hindi/international-39265830. 
  3. Calaprice, Alice (2005) The new quotable Einstein. pp.148–149 Princeton University Press, 2005. See also Odyssey in Climate Modeling, Global Warming, and Advising Five Presidents
  4. Robeson, Paul. Paul Robeson Speaks, Citadel (2002) p. 333
  5. Jerome, Fred (December 2004). "Einstein, Race, and the Myth of the Cultural Icon". Isis 95 (4): 627–639. doi:10.1086/430653. JSTOR 10.1086/430653.  साँचा:Open access
  6. "Albert Einstein, Civil Rights activist", Harvard Gazette, April 12, 2007
  7. Schweber, Silvan S. (2008). Einstein and Oppenheimer: The Meaning of Genius. Cambridge: Harvard University Press. प॰ 280. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780674034525. https://books.google.com/books?id=Mpgs6qqNERwC&pg=PA280. अभिगमन तिथि: 11 January 2017.  This comment was notably absent from the above-cited revised written version of Oppenheimer's lecture, but as the Schweber book explains, it was mentioned in the extensive media coverage of Oppenheimer's lecture as actually delivered.
  8. "Einstein archive at the Instituut-Lorentz". Instituut-Lorentz. 2005. Retrieved on 21 November 2005.
  9. Das, Ashok (2003). Lectures on quantum mechanics. Hindustan Book Agency. प॰ 59. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-85931-41-0. 
  10. Spielberg, Nathan; Anderson, Bryon D. (1995). Seven ideas that shook the universe (2nd सं॰). John Wiley & Sons. प॰ 263. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-471-30606-1. 
  11. Major, Fouad G. (2007). The quantum beat: principles and applications of atomic clocks (2nd सं॰). Springer. प॰ 142. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-387-69533-8. https://books.google.com/books?id=tmdr6Wx_2PYC. 
  12. Lindsay, Robert Bruce; Margenau, Henry (1981). Foundations of physics. Ox Bow Press. प॰ 330. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-918024-17-X. https://books.google.com/books?id=dwZltQAACAAJ. 
  13. हान्स-जोसेफ कुइपर. "अल्बर्ट आइंस्टीन के वैज्ञानिक प्रकाशनों की सूची". आइंस्टीन-वेबसाइट.दी. http://www.einstein-website.de/z_physics/wisspub-e.html. अभिगमन तिथि: 3 अप्रैल 2011. 
  14. For a discussion of the reception of relativity theory around the world, and the different controversies it encountered, see the articles in Thomas F. Glick, ed., The Comparative Reception of Relativity (Kluwer Academic Publishers, 1987), ISBN 90-277-2498-9.
  15. Celebrating Einstein "Solid Cold". U.S. DOE., वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारी के कार्यालय, 2011.
  16. "Obituary". न्यूयॉर्क टाइम्स. 12 जुलाई 1986. https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9A0DEFD9153FF931A25754C0A960948260. अभिगमन तिथि: 3 April 2011. 
  17. यूजीसी, शिकागो ट्रिब्यून. "13 Plumbing Facts You Probably Didn’t Know". http://www.chicagotribune.com/suburbs/orland-park-homer-glen/community/chi-ugc-article-13-plumbing-facts-you-probably-didnt-know-2016-02-15-story.html. 
  18. Sagan, Carl (2014-03-14). "Carl Sagan Explains Albert Einstein". https://newrepublic.com/article/117028/world-beckons. 
  19. "Letters Reveal Einstein Love Life", बीबीसी समाचार, बीबीसी, 11 July 2006, retrieved 14 March 2007 
  20. ई. लिबमैन (14 January 1939). "Disguise". द न्यू यॉर्कर. http://www.newyorker.com/archive/1939/01/14/1939_01_14_011_TNY_CARDS_000176356. 
  21. McTee, Cindy. "Einstein's Dream for orchestra". Cindymctee.com. http://www.cindymctee.com/einsteins_dream.html. 
  22. Golden, Frederic (3 January 2000), "Person of the Century: Albert Einstein", Time, archived from the original on 21 February 2006, retrieved 25 February 2006 
  23. "1921 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार". नोबेल पुरस्कार. http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/1921/. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]