अ थाउजेण्ड स्पेलेण्डिड् संस
| चित्र:A Thousand Splendid Suns.jpg प्रथम संस्करण का कवर पृष्ठ | |
| लेखक | खालिद हुसैनी |
|---|---|
| मूल शीर्षक | A Thousand Splendid Suns |
| भाषा | अंग्रेज़ी |
| शैली | ऐतिहासिक/सामाजिक उपन्यास |
| प्रकाशक | रिवरहेड बुक्स |
| प्रकाशन तिथि | 22 मई 2007 |
| प्रकाशन स्थान | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| मीडिया प्रकार | प्रिंट (हार्डकवर और पेपरबैक) |
| पृष्ठ | 372 |
| आई.एस.बी.एन | 978-1-59448-950-1 |
| इससे पहले | The Kite Runner |
| इसके बाद | And the Mountains Echoed |
अ थाउजेण्ड स्पेलेण्डिड् संस (अंग्रेज़ी: A Thousand Splendid Suns), जिसे हिन्दी में एक हजार चमकते सूरज कहा जाता है, अफ़गान-अमेरिकी लेखक खालिद हुसैनी का दूसरा उपन्यास है। यह पहली बार रिवरहेड बुक्स द्वारा 22 मई 2007 को प्रकाशित हुआ। उपन्यास में अफ़गानिस्तान की सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि में दो महिलाओं — मरियम और लैला — के जीवन, संघर्ष और आपसी संबंधों को गहराई से दर्शाया गया है।[1]
कथा सारांश
[संपादित करें]उपन्यास की कहानी काबुल की दो महिलाओं — मरियम और लैला — के इर्द-गिर्द घूमती है।
- मरियम एक अवैध बेटी के रूप में जन्म लेती है और अपने पिता और समाज के कलंक का सामना करती है। उसके बाद वह काबुल में राशिद से शादी करने के लिए भेज दी जाती है। शादी और घरेलू हिंसा के चलते उसका जीवन कठिनाइयों से भरा होता है।
- लैला एक शिक्षित और आशावादी लड़की है, जिसका बचपन अपेक्षाकृत सुरक्षित है। तारिक नामक एक पड़ोसी लड़के के साथ उसकी गहरी दोस्ती और बाद में प्रेम संबंध बनता है। अफ़गान गृहयुद्ध और तालिबान शासन के कारण उसके माता-पिता की मृत्यु हो जाती है।
- परिस्थितियों के दबाव में लैला को भी राशिद से शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है। आरंभिक तनाव के बावजूद, मरियम और लैला के बीच गहरी मित्रता और सहारा विकसित होता है।
- उपन्यास में बच्चों और परिवार के प्रति जिम्मेदारी, महिलाओं के अधिकारों का हनन, संघर्ष और बलिदान प्रमुख रूप से चित्रित किए गए हैं।
प्रमुख पात्र
[संपादित करें]- मरियम — अवैध रूप से जन्मी लड़की, जो जीवन भर कलंक और कठिनाइयों का सामना करती है।
- लैला — शिक्षित और आशावादी महिला, जो युद्ध और विपत्तियों का सामना करती है।
- राशिद — मरियम का पति, बाद में लैला का पति भी, जो उम्र में बड़ा और कठोर स्वभाव का है।
- तारिक — लैला का बचपन का मित्र और प्रेमी।
- अज़ीज़ा — लैला की पुत्री।
- ज़ल्मई — राशिद का बेटा।
विषय और विश्लेषण
[संपादित करें]उपन्यास में महिलाओं की स्वतंत्रता, मातृत्व, दोस्ती, बलिदान और अफ़ग़ान समाज में युद्ध और राजनीतिक संकट के प्रभाव जैसी जटिल विषयवस्तुएँ उभर कर आती हैं। लेखक ने मरियम और लैला के माध्यम से संघर्ष, प्रतिरोध और आपसी विश्वास की कहानियाँ प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत की हैं।
प्रकाशन और अनुवाद
[संपादित करें]उपन्यास को 22 मई 2007 को रिवरहेड बुक्स द्वारा प्रकाशित किया गया। इसे कई भाषाओं में अनूदित किया गया है और हिन्दी अनुवाद भी उपलब्ध है।
आलोचनात्मक स्वागत
[संपादित करें]इस उपन्यास को समीक्षकों और पाठकों दोनों से व्यापक प्रशंसा मिली। इसे भावनात्मक गहराई, यथार्थपरक पात्र चित्रण और सामाजिक संदेश के लिए सराहा गया।
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ आज़म काज़े मियां एक हजार शानदार सूर्य: अफगान महिलाओं के उदारवादी विजन,एमए थीसिस, पर्यवेक्षक: डॉ रुखसाना अहमद - संचार विभाग, ओटावा विश्वविद्यालय, तिथि: मई 2012 https://ruor.uottawa.ca/bitstream/10393/22680/1/Kazemiyan_Azam_2012_Thesis.pdf Archived 2018-05-25 at the वेबैक मशीन