अवायवीय श्वसन

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अवायवीय श्वसन जीवों की कोशिकाओं में ऐसा श्वसन होता है जिसमें ऑक्सीजन की बजाय किसी अन्य तत्व या यौगिक को आक्सीकारक के रूप में प्रयोग करा जाए। वायवीय जीवों की श्वसन प्रक्रिया में आण्विक ऑक्सीजन का प्रयोग होता है जो एक बहुत शक्तिशाली आक्सीकारक होता है। अवायवीय जीवों में सल्फेट (SO42−), नाइट्रेट (NO3), गंधक (S) और फ्यूमारेट जैसे कम-शक्तिशाली आक्सीकारक प्रयोग होते हैं। इसलिए, साधारण रूप से, अवायवीय श्वसन को वायवीय श्वसन से कम दक्ष माना जाता है।

  1. अवायवीय श्वसन की विशेषताएं :-

1) यह निम्न कोटि के जीवो में होता है

2) इस में ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है

3) इसके फलस्वरूप ऊर्जा की बहुत कम मात्रा प्राप्त होती है

4) यह माइटोकॉन्ड्रिया में संपन्न नहीं होता है। Written by- P.K.Rudra (The Curiosity, Purnea Bihar)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]