अल कायदा
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यह विश्व का एक प्रमुख आतंकवादी और उग्रवादी संगठन हैं |
स्थापना[संपादित करें]
अलकायदा की स्थापना वर्तमान समय के सबसे कुख्यात आतन्कवादी ओसामा बिन लादेन ने की। ओसामा बिन लादेन सऊदी अरब की एक निजी बिल्डर कम्पनी के मालिक का बेटा था। जिसके कारण उसने बेहिसाब दौलत का इस्तेमाल किया। अल कायदा की स्थापना कथित इस्लामी धार्मिक संस्था के रूप में हुयी थी, जिसे अमेरिका पर हुये ११ सितम्बर के हमले के बाद आतंकवादी संस्था घोषित कर दिया गया। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अनुसार इसके संस्थापक ओसामा बिन लादेन को 2 मई 2011 को अमरीकी सेना ने पाकिस्तान में मार डाला। इसके बाद से इस संगठन के नेतृत्वकर्ता के तौर पर डॉक्टर अयमन अल जवाहिरी का नाम सामने आया।
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और आतंकवाद के जानकार ब्रूस हॉफमेन का कहना है कि ओसामा बिन लादेन अपनी मौत के लिए वर्ष 1988 से तैयार था और उसने अपने उत्तराधिकारी की योजना बना रखी थी। हॉफमेन का कहना है, 'जवाहिरी, ओसामा का स्वाभाविक उत्तराधिकारी है। सवाल केवल इतना है कि वह ओसामा की जगह काबिज होकर आतंकवाद की मुहिम को कितने प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा पाता है।'
अयमान अल जवाहिरी मूलत: मिस्र का डॉक्टर है जिसकी उम्र अब 59 साल के आसपास होगी. हालांकि जवाहिरी खुद बीते एक दशक से अमेरिका से छिपता रहा है। फिर भी अलकायदा में ओसामा के बाद जवाहिरी ही सबसे ज्यादा जाना-पहचाना चेहरा और आवाज है। लादेन का करीबी जवाहिरी वीडियो संदेश जारी करके अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को अक्सर धमकी देता रहा है।
अल कायदा का एक और नेता अमेरिका पर आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड खालिद शेख साल 2006 से ग्वान्तानामो बे में कैद है।
विस्तार[संपादित करें]
अलकायदा ने सबसे पहले आठवें दशक में अपनी स्थापना के बाद चेचेन्या में रुस के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उसके बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलकायदा ने ऐसी लड़ाइयों में भाग लेना शुरु किया, जिसके बारे में उसने आरोप लगाया कि वहां मुसलमानों पर अत्याचार हुये हैं। बाद में अलकायदा ने 9-11 के हमले किये और अमरीका को उसने दुश्मन नंबर वन घोषित कर दिया। पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर से बातचीत में इसके संस्थापक ओसामा बिन लादेन ने एकाधिक बार माना कि अमरीका पूरी दुनिया में अपने साम्राज्य के विस्तार के लिये हमले कर रहा है और अल कायदा इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा.
प्रमुख आतंकवादी गतिविधियाँ[संपादित करें]
१९९२ में अल कायदा ने अपना पहला निशाना यमन के दो होटलों को बनाया। पहल हमला उन्होनें मोवेनपिक होटल को और दूसरा हमला गोल्डमोहर के पार्किन्ग क्षेत्र को बनाया। उन्होने दोनो होटलों में बम विस्फोट किये
१९९३ में अल कायदा ने अमेरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में बम विस्फोट किया जिसमें ६ लोगों की जान गयी।
२००१ में अल कायदा ने अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर दो अपहरण किये गये विमानो से हमला कर दिया तथा पेन्टागन पर एक तथा पेन्सिल्वेनिया में एक विमान से हमला कर दिया जिसमे ३००० लोगो कि जान गयी। ये दुनिया का सबसे बडा हमला माना जाता है।
२००५ में अल कायदा ने स्पेन के मेड्रिड में ट्रैन में बम विस्फोट कर दिया जिसमें १९१ लोगों कि जान गयी और १८०० लोग जख्मी हो गये। २००५ में अल कायदा ने लंदन की तीन भूमिगत ट्रैनों में तीन बम विस्फोट किये तथा एक बम एक बस में विस्फोट किया। इस हमले में ५२ लोगों की जान गयी और ७०० लोग जख्मी हो गये।