अल-समावल बिन याह्या अल-मग़रिबी

अल-समावल इब्न याहया अल-मग़रिबी: (जन्म:सी. 1130 - सी. 1180) जिन्हें आमतौर पर समावल अल-मग़रिबी के नाम से जाना जाता है गणितज्ञ, खगोलशास्त्री और चिकित्सक था। उत्तरी अफ़्रीकी मूल के एक यहूदी परिवार में जन्मे उन्होंने अपने पिता को नाराज़ करने के डर से कई सालों तक इस्लाम में अपने धर्मांतरण को छुपाया फिर 1163 में एक सपने में उन्हें ऐसा करने के लिए कहने के बाद खुले तौर पर इस्लाम अपना लिया था। पिता उत्तरी अफ्रीका के एक रब्बी थे जिनका नाम येहुदा इब्न अबुन था । [1]
अंक शास्त्र
[संपादित करें]अल-सामावल ने उन्नीस साल की उम्र में गणितीय ग्रंथ अल-बहिर फिल-जबर लिखा जिसका अर्थ है "बीजगणित में प्रतिभाशाली"। उसने गणितीय आगमन की दो बुनियादी अवधारणाओं का भी प्रयोग किया यद्यपि उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया। उसने इसका उपयोग n=12 तक द्विपद प्रमेय और अल-कराजी द्वारा पहले दिए गए पास्कल त्रिभुज के परिणामों को विस्तारित करने के लिए किया।
बहस की कला
[संपादित करें]उसने यहूदी धर्म पर बहस करते हुए अरबी में एक प्रसिद्ध विवादास्पद पुस्तक भी लिखी जिसे इफ़हाम अल-यहूद (यहूदियों का खंडन) के नाम से जाना जाता है। अरबी से अनुवादित और बाद में कई पश्चिमी भाषाओं में अनुवादित हुई।.[2][3][4]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Perlman, Moshe (1964). Silencing the Jews (अंग्रेज़ी भाषा में). New York: American Academy for Jewish Research. p. 15.
- ↑ Williams, A. Lukyn (1935). Adversus Judaeos: a Bird's-Eye View of Christian Apologiae until the Renaissance. Cambridge: Cambridge University Press. pp. 228–232. ISBN 978-1-139-10847-8. ओसीएलसी 889963332.
{{cite book}}: ISBN / Date incompatibility (help) - ↑ Perlmann, Moshe (1964). "Samau'al al-Maghribī Ifḥām Al-Yahūd: Silencing the Jews / إفحام اليهود: تأليف السموءل المغربي (القرن السادس الهجري)". Proceedings of the American Academy for Jewish Research. 32: 5. डीओआई:10.2307/3622414. जेस्टोर 3622414.
- ↑ Samau'al al-Maghribi: Ifham Al-Yahud: Silencing the Jews by Moshe Perlmann, Proceedings of the American Academy for Jewish Research, Vol. 32, Samau'al Al-Maghribi Ifham Al-Yahud: Silencing the Jews (1964)