अर्णव गोस्वामी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
अर्णव गोस्वामी
Arnab Goswami Times Now.jpg
जन्म: ९ अक्टूबर, १९७३
गुवाहाटी, भारत
कार्यक्षेत्र: पत्रकार, संपादक
राष्ट्रीयता:भारतीय
भाषा:असमिया(मातृभाषा)
विधा:हिन्दू महाविद्यालय दिल्ली, सेंट अनतोनी विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड
समाचार एंकर, प्रबन्ध निदेशक, रिपब्लिक टीवी


अर्णव गोस्वामी (जन्म : ९ अक्टूबर १९७३) एक भारतीय पत्रकार एवं टीवी समाचार प्रस्तोता हैं। वे रिपब्लिक टीवी के प्रबन्ध सम्पादक हैं।

जीवनी[संपादित करें]

जन्म और परिवार[संपादित करें]

अर्णव गोस्वामी का जन्म असम की राजधानी गुवाहाटी में ९ अक्टूबर १९७३ में हुआ था। वह एक प्रख्यात विधिवेत्ता असमिया परिवार से हैं।[1][2][3] उनके दादा रजनीकांत गोस्वामी एक वकील, कांग्रेस के नेता और एक स्वतन्त्रता सेनानी थे। उनके नाना गौरीशंकर भट्टाचार्य असम में बहुत वर्षों तक दूसरी पार्टी के नेता थे। वह एक स्वतन्त्रता सेनानी, एक बुद्धिजीवी लेखक थे और उन्हे असम साहित्य सभा पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।

शिक्षा और वैवाहिक जीवन[संपादित करें]

वे एक सेना के अधिकारी के बेटे हैं इसलिए उन्होने अपनी शिक्षा विभिन्न स्थानों से पूरी की। उन्होने १०वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा माउंट सेंट मैरी स्कूल से दी जो दिल्ली छावनी में है और अपनी १२वीं कक्षा उन्होने केन्द्रिय विद्यालय से पूरी की जो जबलपुर छावनी में है। अर्नब जी ने अपनी स्नातक स्तर की पढाई समाज शास्त्र में हिन्दु महाविद्यालय से की जो दिल्ली में है। उन्होंने अपनी मास्टर्स डिग्री सामाजिक नृविज्ञान में अॉक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट अनतोनी विश्विधालय (१९९४) से की जहाँ पर वे एक फेलिक्स विद्वान रह चुके हैं। वे सन् २००० में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के सिडनी ससेक्स कॉलेज के इंटरनेशनल स्टडीज़ विभाग में एक विजि़टिंग फेलो थे जहाँ के वो डी सी पवेट फेलो रह चुके हैं। अर्नव गोस्वामी की पत्नी का नाम पिपि गोस्वामी है। उनका एक बेटा भी है। उनका दिल्ली और मुम्बई दोनों जगह आना जाना लगा रहता है। अपने काम के कारण उनके माता पिता दोनो उनके जीवन स्थान गुवाहाटी में रहते हैं।

कार्यक्षेत्र[संपादित करें]

'टाइम्स लिटरेरी कार्निवल' में अर्णव गोस्वामी (२०१२)

अरनब जी ने अपनी जीवन यात्रा की शुरुआत द टेलीग्राफ (कोलकाता) से की। जहाँ पर उन्होनें एक वर्ष समाचार पत्र के संपादक के रूप में काम किया। फिर् १९९५ में उन्होने ने द टी वी में काम करना शुरु किया जहाँ पर वह एक दैनिक समाचार के एंकर थे और वह न्यूज़ टुनाईट नामक एक कार्यक्रम की रिपोर्टिंग करते थे। फिर बाद में अरनब एन डी टी वी का मुख्य हिस्सा (1९९८) बन गये। वे न्यूज़ हॉर नामक कार्यक्रम की एंकरिंग करते थे। न्यूज़ हॉर सबसे लंबे समय तक चलने वाला समाचार विश्लेषण है, इतना लम्बा समाचार विश्लेषण किसी भी और चैनल में नहीं दिखाया जाता था (१९९८-२००३)। एनडीटीवी २४ x ७ के वरिष्ठ संपादक होने के कारण वह पूरे चैनल के प्रकरण के संपादन के जिम्मेदार थे।

एनडीटीवी उनके उभार की पहली सीढ़ी बना, जहां वह समाचार संपादक के रूप में प्रमुख टीम का अहम हिस्सा रहे और 1998 से 2003 के दरमियान 'न्यूजआवर' का संचालन किया। फिर एनडीटीवी में उन्हें वरिष्ठ संपादक बनाया गया और वर्ष 2006 में टाइम्स नाऊ में जाने से पहले वह इसी पद पर काम करते रहे।

उनकी असली पहचान टाइम्स नाऊ में ही बनी, जहां तेजतर्रार शैली में कार्यक्रम पेश करने की उनकी शैली ने दर्शकों को खूब लुभाया, जिसके दम पर टाइम्स नाऊ देश में अंग्रेजी का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला चैनल बन गया। गोस्वामी के इस करिश्मे ने चैनल की कमाई को बढ़ाने में भी अहम योगदान दिया। टाइम्स नाऊ को कमाऊ बनाने में गोस्वामी के कार्यक्रम ने निर्णायक भूमिका निभाई और चैनल के कुल राजस्व का 70 फीसदी इससे ही आता था। इसे देखते हुए उन्हें संपादकीय निदेशक और प्रधान संपादक से प्रोन्नत कर टाइम्स नाऊ और ईटी नाऊ का प्रेसिडेंट-न्यूज और प्रधान संपादक बनाया गया।

वह देश के टाँप रेटेड समाचार विश्लेषण कार्यक्रम के एंकर रह चुके हैं। जिसके कारण उनको २००४ में बेस्ट न्यूज एंकर के लिए एक पुरस्कार भी मिला था। उन्होनें लगभग १० साल काम किया, फिर उन्होने टाइम्स नाउ नामक समाचार चैनल लाँच किया। जिसमे वे न्यूज हाउर नामक कार्यक्रम के एंकर थे और इस कार्यक्रम में कुछ मशहूर लोग चित्रित किये जाते है जैसे परवेज़ मुशर्रफ, राहुल बजाज आदि। उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ है ११ जुलाई २००६ में मुंबई ट्रेन बम विस्फोट के समय में २६ घंटे की एंकरिंग की थी जिसमें उन्होने २०० से अधिक नेताओं के साक्षात्कार लिए थे। ६५ घन्टे से अधिक समय के लिये उन्होने २६/११ के मुंबई आतंकी हमलों की रिपोर्ट दी थी। वह एक और शो होस्ट करते हैं फ्रेन्क्ली स्पीकिंग विद अरनब। जिस शो में कुछ मशहूर लोग शामिल होते हैं जैसे: भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, बेनजीर भुट्टो, पूर्व ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति - हामिद करजई, निर्वासित दलाई लामा, सोनिया गांधी, राहुल गांधी आदि। खेल, फिल्म और कॉर्पोरेट जगत से प्रमुख भारतीय हस्तियाँ भी शामिल होती हैं। उन्होनें कुछ किताबे भी लिखी हैं जैसे कोमपेटीबल टेरिरिसज़म, द लीगल चेलेनज आदि।

पुरस्कार[संपादित करें]

  • २००३-एशियन टेलीविजन अवार्ड फोर बेस्ट प्रेसेन्टेर ओर एंकर (धावक)।
  • २००७- सोसायटी यंग एचीवर्स अवार्ड फोर एक्सीलेनस इन द फील्ड ऑफ मीडिया।
  • २००८- इन्डियन न्यूज ब्रोड्कासटिंग अवार्ड फॉर इन्नोवेटिव एडिटर ईन चीफ।
  • २०१०- असामीज़ ऑफ द इयर अवार्ड बाइ न्यूज़।
  • २०१०- रामनाथ गोलेका अवार्ड फोर एक्सीलेनस इन जरनलिज़म बाइ द इन्डियन एक्सप्रेस ग्रुप।
  • २०१२- इ न बी ए अवार्ड फॉर न्यूज टी वी एडिटर इन चीफ ऑफ द इयर।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]