अमेरिका की खोज

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अमेरिका की खोज को एक आकस्मिक खोज कहा जाता है | क्यूंकि अमेरिका को लूटने वाला क्रिस्टोफर कोलंबस असल मे भारत को लूटने के इरादे से निकला था | उसके इस अभियान में पुर्तगाल के शासक ने सहयोग नहीं दिया | जिसके बाद वो स्पेन पहुंचा जहाँ के राजा फर्डीनांड और रानी इसाबेला ने उसके इस अभियान में सहयोग देने का भरोसा जताया |

इसके बाद कोलंबस कुछ जहाजों को लेकर भारत को लूटने निकल पड़ा | अफ्रीका से उसने पश्चिम की ओर चलना शुरू कर दिया क्यूंकि उसका मानना था कि पृथ्वी गोल है इसलिए वो भारत पहुँच ही जाएगा | इससे पहले पुर्तगाली अफ्रीका को पार करके भारत की ओर बढ़ नहीं पाए थे | इसी से सीख लेते हुए कोलंबस ने पश्चिम की ओर बढ़ना शुरू किया | अटलांटिक महासागर को पार करके उसने जिस जमीन पर कदम रखा वो जमीन अमेरिका की जमीन थी | वहां उसे जो सबसे पहले आदिवासी मिले उनका रंग लाल था | कोलंबस ने उन आदिवासिओं को रेड इंडियन नाम दिया | क्यूंकि कोलंबस अभी तक इसी भ्रम में था कि वो भारत के किसी द्वीप पर उतरा है |

अमेरिका में उन्हीं रेड इंडियंस को वहां के मूल निवासी कहा जाता है | अपनी इस लूट के बाद कोलंबस स्पेन पहुंचा और वहां जाकर बताने लगा कि उसने भारत को लूट लिया है | हालाँकि उसने अमेरिका को लूटा था | धीरे धीरे यूरोप के दूसरे देशों को भी अमेरिका के बारे में पता चल गया और स्पेन के साथ साथ फ्रांस और ब्रिटेन ने भी अमेरिका की उस जमीन पर कब्ज़ा कर लिया |  

इस तरह उस जगह सबसे पहले स्पेन और बाद में फ्रांस और ब्रिटेन का भी अधिकार हो गया | ब्रिटेन ने तो वहां अपनी 13 कॉलोनियां स्थापित कर ली थी |

नयी दुनिया में क्रिस्टोफर कोलंबस का आगमन, १४९२ की तस्वीर

गैर-जन्मज लोगों द्वारा उत्तरी अमेरिका की खोज उत्तरी अमेरिका के महाद्वीप का मानचित्रण और पता लगाने का एक सतत प्रयास था, जो सदियों तक चला। उत्तरी अमेरिका के महाद्वीप को मानचित्रित करने के लिए विभिन्न विदेशी देशों(विशेषतः यूरोपीय देशों) के कई लोगों और अभियानों के प्रयास शामिल हैं। जिनमें; स्पेन , पुर्तगाल ब्रिटेन, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे देश प्रमुख हैं। मानचित्रण का यह सतत प्रयास, यूरोपीय देशों द्वारा, अमेरिगो वेसपुची और तत्पश्चात कोलंबस द्वारा आन्ध्र महासागर के पार खोजे गए, नयी दुनिया की तलरूप और उसके प्राकृतिक संसाधनों को जानने के लिए किया गया था। इन अभियानों का अंत्यत परिणाम अमेरिका का यूरोपीय देशों द्वारा उपनिवेशीकरण हुआ। यह भौगोलिक अन्वेषण, यूरोपीय इतिहास के लुटेरों का समय का हिस्सा था।

इतिहास[संपादित करें]

कोलंबस के पूर्व के अभियान[संपादित करें]

हालाँकि, अमेरिका के मानचित्रण की प्रक्रिया ने कोलंबस के यात्रा के बाद से गति पकड़ी और यूरोप में सुर्ख़ियों में आयी, मगर कोलम्बस के बहुत पहले नॉर्स लोगों ने (जिन्हें अक्सर वाइकिंग भी कहा जाता है) अमेरिका में अपनी बस्तियां स्थापित की थीं। आइसलैंडिक कथाओं के अनुसार, वर्ष ९०८ में एरिक द रेड के नेतृत्व में, नॉर्स लोगों , दक्षिणी ग्रीनलैंड में बस्तियाँ बसाई थीं, जिनको वर्ष १३०० में खाली करवा दिया गया। न्यूफाउंडलैंड के लांसे ऑक्स मेडोज़ में पाए गए पुरातात्विक अवशेष, पुरातात्विक, नॉर्स बस्तियों के एकमात्र ज्ञात अवशेष हैं। इन्हें अक्सर लिएफ एरिक्सन द्वारा आज़माइशी, विनलैंड नामक बस्ती के अवशेष मन जाता है, जिसे वर्ष १००३ में स्थापित करने का प्रयास किया गया था।[1]

क्रिस्टोफर कोलंबस के बाद के अभियान[संपादित करें]

वाइकिंग लोगों के ये अभियान, यूरोप में सामान्य मानस में अधिक ज्ञात नहीं हुआ। उसके लगभग ५०० वर्ष बाद, जब यूरोप में भारत अथवा पूर्वी एशिया (इंडीज़) के खोज की दौड़ लगना शुरू हुई। तब वर्ष, १४९२ में वर्त्तमान स्पेन के कैस्टिल की महारानी इज़ाबेला के समर्थन से, बहामाज़ , क्यूबा और हिस्पैनोलिया द्वीपों की खोज की। तत्पश्चात, कोलंबस ने त्रिनिदाद और टोबैगो , तथा कैरेबियन के अन्य कई द्वीपों की खोज की। कोलंबस के इन खोजों की खबर तुरंत पुरे यूरोप में तेज़ी से फ़ैल गयी, और उसके बाद कई यूरोपीय अधिराज्यों ने अपने नाविकों को "नयी दुनिया" के अभियान पर भेजा। अमेरिका के प्राकृतिक संसादनों का लाभ उठाने के लिए तत्पश्चात स्थायी बस्तियों को बसने की कोशिश शुरू हुई। नतीजतन, अनेक यूरोपीय देशों ने अमेरिका के भीतरी हिस्सों को खोजने और उपनिवेश स्थापित करना शुरू किया। हिस्पैनोलिया द्वीप पर इज़ाबेला नमक बस्ती, अमेरिका में, यूओपीय लोगों की पहली स्थायी बस्ती बानी। जिसे १४९३ में कोलंबस ने अपने दूसरे दौरे में स्थापित किया था। वर्त्तमान संयुक्त राज्य अमेरिका के वर्जिनिया में अवस्थित जेम्सटाउन, पहली अंग्रेजी स्थायी बस्ती बानी।[2]

दीर्घ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Danver, Steven L. (2010). Popular Controversies in World History: Investigating History's Intriguing Questions. 4. ABC-CLIO. पृ॰ 2. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-59884-078-0. मूल से 3 जनवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 अगस्त 2018.
  2. Shapiro, Laurie Gwen. "Pocahontas: Fantasy and Reality". Slate. मूल से 23 जून 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 July 2014.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]