अमृता पाटिल

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अमृता पाटिल

अमृता पाटिल फ्रांस में
लेखन काल 2008 - वर्तमान
शैली ग्राफिक उपन्यास

अमृता पाटिल (जन्म: 19 अप्रैल 1979) भारतीय ग्राफिक उपन्यास लेखिका और चित्रकार हैं। उन्होंने कई उपन्यास लिखें हैं। इनमें कारी (2008), आदि पर्व: मंथन ऑफ़ द ओशन (2012) और सौप्तिक: ब्लड एंड फ्लॉवर्स (2016) शामिल हैं। एक और अरण्यक 2019 में आने के लिये निर्धारित है। उन्हें मार्च 2017 में भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने एक त्रैमासिक पत्रिका भी स्थापित की थी। वह ललित कला (फाइन आर्ट) से डिग्री प्राप्तकर्ता हैं।

करियर[संपादित करें]

1979 में जन्मी अमृता ने अपना बचपन गोवा में बिताया।[1] उन्होंने गोवा कॉलेज ऑफ आर्ट (1999) से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स किया है और टफ्ट्स विश्वविद्यालय के बोस्टन में स्थित, स्कूल ऑफ म्यूजियम ऑफ आर्ट्स (2004) से मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की।[2] उन्होंने 1999-2000 में एंटरप्राइज नेक्सस (मुम्बई) में कॉपीराइटर के रूप में काम किया। वह त्रैमासिक पत्रिका 'माइंडफिल्ड्स' (2007-2012) की सह-संस्थापिका थीं। उन्हें 2009 में टेड फैलोशिप से सम्मानित किया गया था।

उनके बाद के दो ग्राफिक उपन्यास "आदि पर्व: मंथन ऑफ़ द ओशन" और "सौप्तिक: ब्लड एंड फ्लॉवर्स", महाभारत की कहानियों को क्रमशः कथावाचक (सूत्रधार) गंगा और अश्वत्थामा के दृष्टिकोण से दिखाते हैं। इन दो उपन्यासों के बारे में बोलते हुए, वह दो उपर्युक्त कथाकारों को चुनने के अपने फैसले के बारे में बात करती हैं। जो कि पारंपरिक / मूल लेखन में ज्यादातर कहानी की पृष्ठभूमि पर रहे हैं। अमृता ने उन्हें कहानी में मुख्य भूमिका में रखा है।[3]

हार्पर कॉलिन्स इंडिया में वी.के. कार्तिका द्वारा प्रकाशित उनका पहला ग्राफिक उपन्यास, कारी, कामुकता, दोस्ती और मृत्यु के विषयों को दर्शाता है। इस प्रकार वह भारत की पहली महिला ग्राफिक उपन्यासकार बनी। उनकी कृतियों को फ्रेंच और इतालवी में अनुवादित किया गया है। उन्होंने लेखक देवदत्त पट्टनायक के साथ सहयोगी परियोजना के बारे में अपने निजी ब्लॉग पर एक घोषणा की थी। वह वर्ष 2017 में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में वक्ता थीं। उन्हें मार्च 2017 में भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों महिला और बाल विकास मंत्रालय के नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

ग्राफिक उपन्यास[संपादित करें]

  • कारी (2008)
  • आदि पर्व: मंथन ऑफ़ द ओशन (2012)
  • सौप्तिक: ब्लड एंड फ्लॉवर्स (2016)
  • अरण्यक (कार्य-प्रगति पर)

पुरस्कार[संपादित करें]

  • नारी शक्ति पुरस्कार (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा)।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Visual artist and author Amruta Patil breaks new ground with her graphic retelling of the Mahabharata". hindustantimes.com. अभिगमन तिथि 2017-06-18.
  2. "Amruta Patil". The Hindu. 26 January 2013. अभिगमन तिथि 24 September 2018.
  3. Goel, Mayanka; Aranha, Jovita (3 September 2016). "Reaching for the fire in her heart" – वाया www.thehindu.com.