अमीना
| अमीना | |
|---|---|
| जज़्ज़ाउ की रानी | |
लागोस में अमीना की मूर्ति | |
| अमीरा का जज़्ज़ाउ | |
| शासनावधि | 1576–1610[1] |
| राज्याभिषेक | 1576 |
| पूर्ववर्ती | करामा अमीना |
| जन्म | 1533 जज़्ज़ाउ |
| निधन | 1610 (आयु 77) जज़्ज़ाउ |
| घराना | जज़्ज़ाउ |
| पिता | किंग निकतौ |
| माता | रानी बकवा तुर्कुंकु |
अमीना (मृत्यु - 1610) एक वीर योद्धा रानी(हाउसा[2] मुस्लिम ऐतिहासिक पात्र) थी। वह जज़्ज़ाउ(नाइज़ीरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित स्थान) की रानी थी जो वर्तमान समय में कदुना राज्य का ज़रिया नगर है। उसे 'अमिनातू' भी कहते हैं। उसके बारे में अनेकों किंवदन्तियाँ हैं किन्तु इतिहासकार भी मानते हैं कि वह वास्तव में एक रानी थी। उसके शासनकाल के सम्बन्ध में विद्वानों में मतभेद है। कुछ इतिहासकार उसका शासनकाल १५वीं शताब्दी के मध्यकाल में ठहराते हैं जबकि दूसरे इतिहासकार १६वीं शताब्दी का मध्यकाल या अन्तिम काल।
प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें]अमीना का जन्म ईसा की सोलहवीं शताब्दी के मध्य में ज़ज़्ज़ाऊ के बारहवें शासक राजा निकाताऊ तथा रानी बाकवा तरुंकु के यहाँ हुआ था। उनकी एक छोटी बहन ज़रिया थी, जिसके आधार पर आधुनिक शहर ज़रिया का बीसवीं शताब्दी के आरंभ में अंग्रेज़ों द्वारा पुनःनामकरण किया गया।[3] मानवविज्ञानी डेविड ई. जोन्स द्वारा संकलित की गई मौखिक किंवदंती के अनुसार अमीना अपने दादा के दरबार में पली-बढ़ी थीं। उनके दादाजी ने ही अमीना को राजनीतिक तथा सैन्य प्रशिक्षण दिया।
अमीना को सोलह वर्ष की आयु में मगजिया नाम दिया गया, जिसका शाब्दिक अर्थ है-प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी। उन्हें चालीस दासियाँ(कुयांगा) भी दी गईं। कम उम्र से ही अमीना को विवाह का प्रस्ताव मिलने लगा। इन विवाह-प्रस्तावों में-मकामा से "दस दासों की एक दैनिक पेशकश" की गई तथा सर्किन केनो से "पचास दास तथा पचास दासियों के साथ-साथ सफेद और नीले कपड़े के पचास बैग का दिया जाना" आदि शामिल हैं।[4]
१५६६ या उसके आसपास अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद अमीना का भाई ज़ज़्ज़ाऊ का राजा बन गया। उस समय अमीना ने स्वयं को "अपने भाई की घुड़सवार सेना में अग्रणी योद्धा" के रूप में प्रतिष्ठित किया।[5] उन्हें आज भी पारंपरिक होज़ा स्तुति गीतों में “निकताऊ की बेटी अमीना, पुरुष सदृश सक्षम महिला जो पुरुषों को युद्ध की ओर ले जाने में सक्षम थी।"[6] के रूप में याद किया जाता है।
सम्राज्ञी तथा ज़ज़्ज़ाऊ का विस्तार
[संपादित करें]१५७६ में अपने भाई करमी की मृत्यु के पश्चात् अमीना रानी के पद पर आसीन हुईं।[7] ज़ज़्ज़ाऊ मूल सात हाउसा राज्यों (हौज़ा बकवई) दौरा, केनो, गोबीर, कटसीना, रानो तथा गरुण गाबास में से एक था। अमीना के गद्दी संभालने से पूर्व ज़ज़्ज़ाऊ इन राज्यों में सबसे बड़े राज्यों में से एक था। यह दासों का प्राथमिक स्रोत भी था जिसे अरब व्यापारियों द्वारा केनो और कात्सिना के दास बाजारों में बेचा जाता था।[8]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Duncan, Rick (2013-07-09). Man, Know Thyself: Volume 1 Corrective Knowledge of Our Notable Ancestors (अंग्रेज़ी भाषा में). p. 215. ISBN 978-1-4836-4147-8.
- ↑ "Amina, Warrior Queen of Zaria". मूल से से 31 मार्च 2022 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 9 मार्च 2022.
- ↑ हॉग्बेन, एस.जे. (१९६६). अमीरात्स ऑफ नॉर्दर्न नाइजीरिया. लंदन: ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी प्रेस. pp. २१५–२५५.
- ↑ हॉग्बेन, एस.जे. (१९६६). अमीरात्स ऑफ़ नॉर्दर्न नाइजीरिया. लंदन: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. pp. २१५–२५५.
- ↑ स्मिथ, बॉनी जी. (२००८). द ऑक्सफोर्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ वूमेन इन वर्ल्ड हिस्ट्री (अंग्रेज़ी भाषा में). ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. ISBN 9780195148909.
- ↑ स्मिथ, बॉनी जी. (२००८). द ऑक्सफोर्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ वूमेन इन वर्ल्ड हिस्ट्री (अंग्रेज़ी भाषा में). ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. ISBN 9780195148909.
- ↑ हॉग्बेन, एस.जे. (१९६६). अमीरात्स ऑफ नॉर्दर्न नाइजीरिया. लंदन: ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी प्रेस. pp. २१५–२५५.
- ↑ क्राउडर, माइकल. (1978). द स्टोरी ऑफ़ नाइजीरिया (प्रथम ed.). लंदन: फेबर एंड फेबर. ISBN 0571112102. ओसीएलसी 178813654.