अमर सिंह द्वितीय

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अमर सिंह द्वितीय
राणा की मेवाड़
Maharana Amar Singh II.jpg
अमर सिंह द्वितीय
राणा की मेवाड़
शासनावधि1698–1710
पूर्ववर्तीजय सिंह
उत्तरवर्तीसंग्राम सिंह द्वितीय
जन्म03 अक्टूबर 1672
निधन10 दिसम्बर 1710(1710-12-10) (उम्र 38)
पिताजय सिंह
मेवाड़ के राजपूत राजवंश
(1326–1884)
राणा हम्मीर सिंह (1326–1364)
राणा क्षेत्र सिंह (1364–1382)
राणा लखा (1382–1421)
राणा मोकल (1421–1433)
राणा कुम्भ (1433–1468)
उदयसिंह प्रथम (1468–1473)
राणा रायमल (1473–1508)
राणा सांगा (1508–1527)
रतन सिंह द्वितीय (1528–1531)
राणा विक्रमादित्य सिंह (1531–1536)
बनवीर सिंह (1536–1540)
उदयसिंह द्वितीय (1540–1572)
महाराणा प्रताप (1572–1597)
अमर सिंह प्रथम (1597–1620)
करण सिंह द्वितीय (1620–1628)
जगत सिंह प्रथम (1628–1652)
राज सिंह प्रथम (1652–1680)
जय सिंह (1680–1698)
अमर सिंह द्वितीय (1698–1710)
संग्राम सिंह द्वितीय (1710–1734)
जगत सिंह द्वितीय (1734–1751)
प्रताप सिंह द्वितीय (1751–1754)
राज सिंह द्वितीय (1754–1762)
अरी सिंह द्वितीय (1762–1772)
हम्मीर सिंह द्वितीय (1772–1778)
भीम सिंह (1778–1828)
जवान सिंह (1828–1838)
सरदार सिंह (1828–1842)
स्वरूप सिंह (1842–1861)
शम्भू सिंह (1861–1874)
उदयपुर के सज्जन सिंह (1874–1884)
फतेह सिंह (1884–1930)
भूपाल सिंह (1930–1947)

मेवाड़, राजस्थान के शिशोदिया राजवंश के शासक थे।अमर सिंह अमर सिंह के नाम से भी जाना जाता है 1698 में और 1710 में उनकी मृत्यु के साथ उनका राज्य काल समाप्त हुआ। उन के शासनकाल में मुगल अपनी शक्तियों को खो दिया मुगलों ने और इसे उन्हें स्वतंत्र होने का एक मौका मिल गया परंतु औरंगजेब की मृत्यु के बाद उन्होंने बहादुर शाह प्रथम की बढ़ती शक्ति के कारण और उन्होंने खुद को शांति और मुगलों के अधीन ही रखा।उनका जन्म 1672 ईसवी में हुआ था और 38 वर्ष की अवस्था में उनका स्वर्गवास हो गया।